एमपी: विवादित भोजशाला स्थल पर बसंत पंचमी पूजा को लेकर सुरक्षा कड़ी, भारी पुलिस बल तैनात

MP: Security tightened as Hindus gear up for Basant Panchami puja at disputed Bhojshala site

धार (मध्य प्रदेश), 22 जनवरी (पीटीआई): बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ने के मद्देनज़र मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित विवादित 11वीं सदी की भोजशाला–कमाल मौला मस्जिद परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस स्थल पर हिंदू और मुस्लिम, दोनों समुदाय अपने-अपने धार्मिक अधिकारों को लेकर अडिग हैं।

स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए धार जिले में करीब 8,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान भी शामिल हैं, अधिकारियों ने गुरुवार को बताया।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शहर भर में सीसीटीवी कैमरों के ज़रिये निगरानी की जा रही है, पैदल और वाहन गश्त बढ़ा दी गई है और सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। बसंत पंचमी से पहले शहर में भगवा झंडे और ‘अखंड पूजा’ से जुड़े होर्डिंग लगाए गए हैं।

भोजशाला–कमाल मौला मस्जिद एक मध्यकालीन स्मारक है, जिसे हिंदू देवी वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर मानते हैं, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे सदियों पुरानी मस्जिद बताता है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के आदेश के अनुसार, भोजशाला में हिंदुओं को हर मंगलवार पूजा करने की अनुमति है, जबकि मुस्लिम समुदाय शुक्रवार को नमाज अदा कर सकता है।

हिंदुओं की भोज उत्सव समिति ने 23 जनवरी को पूरे दिन पूजा की अनुमति मांगी है। वहीं, मुस्लिम समुदाय ने एक ज्ञापन सौंपकर उसी दिन दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक कमाल मौला मस्जिद में जुमे की नमाज की अनुमति की मांग की है।

भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने कहा कि बसंत पंचमी के अवसर पर भोजशाला में ‘अखंड पूजा’ आयोजित की जाएगी, जिसमें 30,000 से 50,000 श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

दूसरी ओर, कमाल मौला नमाज इंतजामिया समिति के अध्यक्ष जुल्फिकार पठान ने कहा कि 7 अप्रैल 2003 के ASI आदेश के अनुसार बिना किसी बाधा के शुक्रवार की नमाज की अनुमति मांगी गई है।

इंदौर ग्रामीण रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अनुराग ने भोजशाला परिसर और सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण किया है। उन्होंने बताया कि पूरे जिले में लगभग 8,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और भोजशाला परिसर को पांच–छह सेक्टरों में बांटकर चरणबद्ध तैनाती की गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने हिंदू और मुस्लिम समुदायों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि बसंत पंचमी पहले भी शुक्रवार को पड़ी है और केंद्र सरकार के निर्णय के अनुसार धार जिला प्रशासन ने दोनों समुदायों के साथ मिलकर शांतिपूर्ण आयोजन की व्यवस्था की थी।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि ASI ने 2003, 2013 और 2016 के आदेशों में स्पष्ट किया है कि जब बसंत पंचमी और शुक्रवार की नमाज एक ही दिन पड़ती है, तो पूजा सूर्योदय से दोपहर 1 बजे तक और फिर 3:30 बजे से सूर्यास्त तक होगी, जबकि दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक का समय नमाज के लिए रहेगा।

उन्होंने प्रशासन से अफवाह फैलाने और सांप्रदायिक उन्माद भड़काने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और शांति बनाए रखने की अपील की।

दिग्विजय सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्य प्रदेश बीजेपी प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि भोजशाला विवाद दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्री रहते ही शुरू हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता तुष्टिकरण की राजनीति के तहत सनातन धर्म के खिलाफ बयान देते रहे हैं।

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि भोजशाला से सनातनी लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं। देवी सरस्वती का जन्मोत्सव साल में एक बार आता है, जबकि नमाज रोज अदा की जाती है और एक दिन अन्यत्र भी पढ़ी जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह राजनीतिक लाभ के लिए लोगों को भड़का रहे हैं।

प्रशासन ने दशकों पुराने इस विवादित स्थल पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी तैयारियों की समीक्षा की है।

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