
डावोस, 22 जनवरी (एपी)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्विट्ज़रलैंड के डावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) के दौरान एक दर्जन से अधिक देशों के राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों और शीर्ष राजनयिकों की मेज़बानी कर रहे हैं। इस अवसर पर वे अपने नए अंतरराष्ट्रीय निकाय “बोर्ड ऑफ पीस” का प्रचार कर रहे हैं।
फोरम की समय-सारणी के अनुसार, प्रतिभागियों की सूची में मध्य पूर्व और दक्षिण अमेरिका के देशों का वर्चस्व है, जबकि यूरोप के प्रमुख अमेरिकी सहयोगी अपेक्षाकृत कम दिखाई दे रहे हैं। बोर्ड की पूरी सदस्यता सूची अब तक स्पष्ट नहीं है। ट्रंप के साथ विदेश मंत्री मार्को रुबियो और अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ मौजूद हैं।
ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के रुख में एक दिन पहले आए नाटकीय बदलाव के बाद यूरोप ने गुरुवार को राहत की सांस ली। डावोस में ट्रंप ने उन आठ यूरोपीय देशों पर लगाए जाने वाले टैरिफ रद्द कर दिए, जिनके ज़रिये वे ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण का दबाव बना रहे थे।
संयुक्त राष्ट्र का उल्लेख — बोर्ड ऑफ पीस के शुभारंभ पर अपने संबोधन में ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि “कई देशों” ने इस निकाय की स्थापना में भाग लिया है और कहा, “हम संयुक्त राष्ट्र सहित कई अन्य संस्थाओं के साथ काम करेंगे।”
यह उल्लेखनीय है कि ट्रंप पहले संयुक्त राष्ट्र की कड़ी आलोचना कर चुके हैं और अमेरिका को कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों से बाहर निकाल चुके हैं। उन्होंने हाल में यह भी संकेत दिया है कि नया बोर्ड वैश्विक मध्यस्थ के रूप में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका की बराबरी या प्रतिस्पर्धा कर सकता है।
लोगो और फोकस — डावोस में प्रदर्शित बोर्ड ऑफ पीस के लोगो में उत्तरी अमेरिका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्से दर्शाए गए हैं। शुरुआत में यह बोर्ड गाज़ा शांति प्रक्रिया पर केंद्रित बताया गया था, लेकिन बाद में ट्रंप ने कहा कि यह अन्य अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में भी मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है।
ट्रंप प्रशासन का मौजूदा जोर पश्चिमी गोलार्ध पर है, जिसे उन्होंने “डोनरो डॉक्ट्रिन” नाम दिया है — यह अमेरिका के पाँचवें राष्ट्रपति के समय की मुनरो डॉक्ट्रिन का संदर्भ है।
यूरोपीय प्रतिक्रिया — जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिख मर्ज़ ने डेनमार्क, ग्रीनलैंड और अमेरिका के बीच बातचीत का समर्थन किया, लेकिन डेनमार्क की संप्रभुता की पुनः पुष्टि की।
उन्होंने कहा, “यह अच्छी खबर है कि हम सही दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।”
प्रतिभागी —
डावोस में उपस्थित नेताओं में अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो, पराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़, आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान और अज़रबैजान के राष्ट्रपति इलहाम अलीयेव शामिल हैं।
इसके अलावा सऊदी अरब, बहरीन, तुर्किये और मोरक्को के मंत्री और राजनयिक भी मौजूद हैं।
यूक्रेन और नाटो — यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की डावोस पहुंचे हैं और ट्रंप से मिलने वाले हैं। नाटो प्रमुख मार्क रुटे ने सहयोगियों से यूक्रेन को प्राथमिकता बनाए रखने की अपील की।
एलन मस्क — टेस्ला प्रमुख एलन मस्क भी डावोस में एक विशेष सत्र में भाषण देंगे।
