
यरुशलम, 22 जनवरी (एपी) कई देशों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने पर सहमति जताई है, जबकि कुछ यूरोपीय देशों ने उनके निमंत्रण को ठुकरा दिया है। कई देशों ने अभी तक ट्रंप के आमंत्रण पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
ट्रंप की अध्यक्षता वाला यह बोर्ड मूल रूप से गाज़ा संघर्षविराम योजना की निगरानी के लिए विश्व नेताओं के एक छोटे समूह के रूप में सोचा गया था। लेकिन बाद में ट्रंप प्रशासन की महत्वाकांक्षाएं बढ़ीं और ट्रंप ने दर्जनों देशों को निमंत्रण भेजते हुए संकेत दिया कि भविष्य में यह बोर्ड संघर्षों में मध्यस्थ की भूमिका भी निभा सकता है।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि करीब 30 देशों के बोर्ड में शामिल होने की उम्मीद है, हालांकि उन्होंने विवरण नहीं दिया। लगभग 50 देशों को निमंत्रण भेजा गया है।
एसोसिएटेड प्रेस द्वारा तैयार की गई सूची के अनुसार, कौन-से देश शामिल हो रहे हैं, कौन नहीं और कौन अभी अनिर्णीत हैं—
बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार करने वाले देश
— अर्जेंटीना
— अल्बानिया
— आर्मेनिया
— अज़रबैजान
— बहरीन
— बेलारूस
— बुल्गारिया
— मिस्र
— हंगरी
— इंडोनेशिया
— जॉर्डन
— कज़ाखस्तान
— कोसोवो
— मोरक्को
— मंगोलिया
— पाकिस्तान
— क़तर
— सऊदी अरब
— तुर्किये
— संयुक्त अरब अमीरात
— उज्बेकिस्तान
— वियतनाम
जो देश फिलहाल बोर्ड में शामिल नहीं होंगे
— फ्रांस
— नॉर्वे
— स्लोवेनिया
— स्वीडन
— यूनाइटेड किंगडम
जिन्हें निमंत्रण मिला है, लेकिन जिन्होंने अभी फैसला नहीं किया
— कंबोडिया
— चीन
— क्रोएशिया
— साइप्रस
— ग्रीस
— जर्मनी
— भारत
— इटली
— यूरोपीय संघ का कार्यकारी अंग
— पराग्वे
— रूस
— सिंगापुर
— थाईलैंड
— यूक्रेन
(एपी) SCY
