हैती में अस्थिरता फैलाने पर अमेरिकी सरकार की चेतावनी, कार्रवाई करने की कही बात

Haitian Prime Minister Alix Didier Fils-Aimé

सान जुआन, प्यूर्टो रिको, 23 जनवरी (एपी) अमेरिका ने बुधवार देर रात हैती की अंतरिम परिषद को चेतावनी दी कि वह संकटग्रस्त देश की सरकार में कोई बदलाव न करे। यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब पिछले एक दशक में पहली बार चुनाव कराने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए इस गैर-निर्वाचित निकाय पर दबाव बढ़ रहा है।

हैती में अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक बयान में कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका ऐसे किसी भी व्यक्ति को, जो इस तरह की अस्थिरता फैलाने वाली पहल का समर्थन करता है और जिससे गिरोहों को लाभ होता है, अमेरिका, क्षेत्र और हैती के लोगों के हितों के खिलाफ काम करने वाला मानेगा और उसके अनुसार उचित कदम उठाएगा।” दूतावास ने कहा कि इस तरह की किसी भी कोशिश से हैती में “न्यूनतम स्तर की सुरक्षा और स्थिरता” स्थापित करने के प्रयास कमजोर होंगे, जहां गिरोह हिंसा बढ़ रही है और गरीबी गहराती जा रही है।

यह बयान ऐसे समय आया है, जब परिषद के कुछ सदस्य हैती के प्रधानमंत्री एलिक्स डिडिए फिस-एमे के साथ मतभेद में हैं, हालांकि इसका कारण तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका। परिषद ने बुधवार को बंद कमरे में बैठक की और गुरुवार को फिर से बैठक हुई।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के वेस्टर्न हेमिस्फियर मामलों के ब्यूरो ने गुरुवार रात ‘एक्स’ पर लिखा कि हैती की पुरानी अस्थिरता का कारण “भ्रष्ट हैती के राजनेता हैं, जो गिरोहों और अन्य सशस्त्र समूहों का इस्तेमाल सड़कों पर अराजकता फैलाने के लिए करते हैं और फिर उसी अराजकता को खत्म करने के नाम पर सरकार में भूमिका की मांग करते हैं, जिसे उन्होंने खुद पैदा किया है।” ब्यूरो ने कहा, “वास्तविक स्थिरता तब आएगी जब राजनीतिक नेता अराजकता फैलाने की क्षमता के बजाय मतदाताओं के समर्थन से अपनी ताकत हासिल करेंगे। परिषद के जिन सदस्यों ने इस रास्ते को अपनाया है, वे हैती के देशभक्त नहीं हैं। वे उन गिरोहों की तरह अपराधी हैं, जिनसे वे साजिश करते हैं।”

प्रधानमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि वह इस स्थिति पर टिप्पणी नहीं कर सकते। मतदान अधिकार रखने वाले परिषद के सात सदस्यों ने भी टिप्पणी के अनुरोधों का जवाब नहीं दिया।

इस बीच, परिषद के अध्यक्ष लॉरां सेंट-सिर ने एक बयान में कहा कि वह 7 फरवरी से पहले सरकार की स्थिरता को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का विरोध करते हैं, क्योंकि उस दिन परिषद का कार्यकाल अस्थायी रूप से समाप्त होना तय है।

उन्होंने लिखा, “जैसे-जैसे देश के लिए बड़े संस्थागत समयसीमाएं नजदीक आ रही हैं, अस्थिरता, भ्रम या विश्वास के टूटने को बढ़ावा देने वाली कोई भी पहल देश के लिए गंभीर जोखिम लेकर आती है।” उन्होंने कहा, “हैती एकतरफा फैसले नहीं ले सकता और न ही तात्कालिक राजनीतिक गणनाओं में उलझ सकता है, जो राज्य की स्थिरता और निरंतरता के साथ-साथ पहले से ही बुरी तरह प्रभावित जनता के कल्याण को नुकसान पहुंचाएं।”

अराजकता थामने के लिए गैर-निर्वाचित परिषद को सौंपी गई थी जिम्मेदारी

यह हाल के वर्षों में राजनीतिक अराजकता की एक और कड़ी है, जिसकी शुरुआत जुलाई 2021 में हैती के अंतिम निर्वाचित राष्ट्रपति जोवेनेल मोइज़ की उनके घर में हत्या के बाद हुई थी।

अप्रैल 2024 से यह परिषद देश की शीर्ष संस्थाओं में से एक रही है। इसे कैरेबियाई नेताओं की मदद से उस समय बनाया गया था, जब शक्तिशाली गिरोहों ने हैती के मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद कराने के लिए मजबूर कर दिया था और अभूतपूर्व हमलों की एक श्रृंखला में प्रमुख सरकारी ढांचे को निशाना बनाया था, जिसके चलते तत्कालीन प्रधानमंत्री एरियल हेनरी को इस्तीफा देना पड़ा।

इस परिषद को देश में जल्द से जल्द कुछ स्थिरता लाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री का चयन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

फिस-एमे परिषद द्वारा चुने गए तीसरे प्रधानमंत्री हैं। व्यवसायी और हैती चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पूर्व प्रमुख फिस-एमे को नवंबर 2025 में नियुक्त किया गया था, जब परिषद ने अपने पूर्व नेता गैरी कोनिल को हटा दिया था।

परिषद का कार्यकाल 7 फरवरी तक समाप्त होना है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि ऐसा होगा या नहीं। आलोचकों का कहना है कि परिषद के कुछ सदस्य सत्ता में अधिक समय तक बने रहने की कोशिश कर रहे हैं और कई लोगों को आशंका है कि ऐसा होने से हिंसक प्रदर्शनों की एक नई लहर शुरू हो सकती है।

7 फरवरी की समयसीमा को शुरुआती 2024 में इस उम्मीद के साथ मंजूरी दी गई थी कि हैती में नए राष्ट्रपति के चुनाव के लिए आम चुनाव हो चुके होंगे। हालांकि, गिरोह हिंसा के कारण अब तक चुनाव कराना संभव नहीं हो पाया है। फिर भी, अगस्त में चुनाव और दिसंबर में दूसरे चरण के चुनाव की अस्थायी योजना है।

हैती पर चर्चा के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक

बुधवार को जारी एक नई संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट में कहा गया कि “राष्ट्रीय हितधारक उस अंतरिम शासन संरचना को लेकर विभाजित हैं, जिसे देश को चुनावों तक ले जाना है।” इससे पहले बुधवार को ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हैती में बिगड़ती स्थिति पर चर्चा की।

हैती में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष प्रतिनिधि कार्लोस रूइज़-मासीयू ने कहा, “हैती लोकतांत्रिक संस्थानों को बहाल करने की प्रक्रिया में एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है। देश के पास लंबे समय तक आंतरिक कलह में उलझे रहने का समय नहीं है।”

पनामा के राजदूत एलॉय अल्फारो दे अल्बा ने बैठक में कहा कि हैती एक “नाजुक मोड़” पर खड़ा है और अंतरिम राष्ट्रपति परिषद का कार्यकाल समाप्त होने में केवल 18 दिन बचे हैं।

उन्होंने कहा, “हिंसा की लगातार बनी रहने वाली स्थिति… अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है।”

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कई सदस्यों ने कहा कि गिरोहों के बढ़ते नियंत्रण के बीच हैती को जल्द से जल्द लोकतांत्रिक संक्रमण की दिशा में बढ़ना चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र में हैती के स्थायी प्रतिनिधि एरिक पियरे ने कहा, “इस समयसीमा को जिम्मेदारी की भावना के साथ अपनाने की आवश्यकता है… ताकि राज्य की निरंतरता बनी रहे और किसी भी ऐसी बाधा से बचा जा सके, जो राष्ट्रीय संस्थानों के कामकाज को कमजोर कर सकती है।”

गिरोह हैती की राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस के अनुमानित 90 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण रखते हैं और उन्होंने देश के मध्य क्षेत्र में भी बड़े इलाकों पर कब्जा कर लिया है।

संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष जनवरी से नवंबर के बीच हैती में 8,100 से अधिक हत्याएं दर्ज की गईं, “हालांकि गिरोह-नियंत्रित क्षेत्रों तक सीमित पहुंच के कारण वास्तविक आंकड़े इससे अधिक हो सकते हैं।” (एपी) वीएन वीएन

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज

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