
नई दिल्ली, 23 जनवरी (पीटीआई) राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार सुबह बारिश और गरज के कारण कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह की फुल ड्रेस रिहर्सल में देरी हुई।
घने भूरे बादल आसमान में छाए रहे और औपचारिक बुलेवार्ड पर बार-बार गड़गड़ाहट की आवाज गूंजी, जो गणतंत्र दिवस की रिहर्सलों के दौरान बहुत कम देखने को मिलता है।
लंबे समय से जारी शुष्क सर्दी का दौर शुक्रवार को समाप्त हो गया, जब दिल्ली में 2026 की पहली बारिश दर्ज की गई। शहर के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।
मौसम में अचानक आए इस बदलाव के कारण कार्यक्रम में देरी हुई और स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी रही, जबकि अधिकारी हालात पर करीबी नजर बनाए रहे।
रिहर्सल में देरी के बावजूद सुरक्षा कर्मी और अधिकारी अपने-अपने स्थानों पर डटे रहे। कई कर्मियों को रेनकोट और रेन वेस्ट पहने हुए, बारिश और सर्दी के बावजूद अपनी ड्यूटी निभाते देखा गया।
बैरिकेड्स, चेकपॉइंट्स और तैनाती की योजनाएं अपरिवर्तित रहीं और कर्मी सतर्क अवस्था में तैनात रहे।
रिहर्सल देखने के लिए सुबह से पहुंचे लोग, जिनमें बुजुर्ग भी शामिल थे, बारिश से बचने के लिए प्लास्टिक शीट से खुद को ढकते नजर आए। माताओं ने बच्चों की टोपी नीचे खींची और स्कार्फ कस ली। कई दर्शकों ने अस्थायी शेड के नीचे शरण ली, जबकि कुछ लोग अपनी सीटों पर ही बैठे रहे।
आयोजकों को जनता की असुविधा कम करने के लिए अधिक से अधिक बैठने की जगहों को ढकने का प्रयास करते देखा गया।
देरी और अप्रत्याशित मौसम के बावजूद कुल मिलाकर स्थिति शांत और व्यवस्थित बनी रही। परेड मार्ग पर न तो पानी का तेज बहाव था और न ही जलभराव की स्थिति, और सभी व्यवस्थाएं यथावत रहीं।
मौसम विभाग के अनुसार, मौसम में यह बदलाव इस साल के पहले तीव्र पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 8.30 बजे तक सफदरजंग में 1.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि पालम में भी 1.3 मिमी वर्षा हुई।
दोपहर और शाम के समय एक और बहुत हल्की से हल्की बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
आईएमडी ने कहा कि सुबह के समय आसमान सामान्य रूप से बादलों से घिरा रहा, जबकि एक-दो दौर की हल्की बारिश के साथ गरज, बिजली चमकने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलीं। तड़के के समय हल्का कोहरा भी देखा गया।
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