नीतिगत स्थिरता और सुधारों से भारत की विकास गति को मजबूती: शंघाई में कौंसुल जनरल

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image received on Jan. 5, 2026, Indian Consul General in Shanghai Pratik Mathur during a visit at the Tiger Hill Pagoda to commemorate the inauguration in India of the historic grand exhibition 'The Light and the Lotus: Relics of the Awakened One' by Prime Minister Narendra Modi, in Suzhou, China. (Indian Consulate Shanghai via PTI Photo)(PTI01_05_2026_000212B)

बीजिंग, 23 जनवरी (पीटीआई): शंघाई में भारत के कौंसुल जनरल प्रतीक माथुर ने शुक्रवार को कहा कि स्थिर नीतिगत वातावरण और पूर्वानुमेय, सुधारोन्मुख निवेश माहौल के कारण हाल के वर्षों में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है।

शंघाई इंटरनेशनल बिज़नेस कोऑपरेशन फ़ोरम के 11वें संस्करण को संबोधित करते हुए माथुर ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसी पहलों को वैश्विक रैंकिंग में भारत की तेज़ उन्नति के अहम कारक बताया। वाणिज्य दूतावास ने इसकी जानकारी एक्स पर एक पोस्ट में दी।

उन्होंने 19-20 फरवरी को भारत द्वारा आयोजित किए जाने वाले आगामी ‘एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ को लेकर बढ़ती वैश्विक रुचि पर भी विस्तार से चर्चा की, जिसका फोकस ‘पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस’ के सिद्धांतों पर होगा।

माथुर ने भारत की ग्लोबल साउथ उन्मुख, जन-केंद्रित और समावेशी एआई नीतियों—जैसे ‘भाषिणी’—का भी उल्लेख किया, जिनसे देश में 1 लाख से अधिक स्टार्टअप्स के साथ दुनिया का सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने में मदद मिली है।

सरकार का ‘भाषिणी’ एआई प्लेटफॉर्म सुरक्षित क्लाउड वातावरण में टेक्स्ट, अंक, आवाज़, छवियों और वीडियो के अनुवाद की सुविधा देता है।

कौंसुल जनरल ने कहा कि इस प्रक्रिया में भारत ने फिनटेक, डीप-टेक, ग्रीन टेक्नोलॉजी और अन्य उभरते क्षेत्रों में यूनिकॉर्न कंपनियों के विकास को भी सुनिश्चित किया है।

इसके बाद 400–500 निवेशकों और भागीदारों से भरे सभागार में हुई इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र में माथुर ने विनिर्माण, कनेक्टिविटी, कराधान और कॉरपोरेट गवर्नेंस जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भारत में किए जा रहे प्रणालीगत सुधारों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने उदारीकृत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मानदंडों का भी उल्लेख किया, जिनके तहत कई क्षेत्रों में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दी गई है।

उन्होंने कहा कि इन कदमों से विदेशी निवेशकों के लिए पारदर्शी और नियम-आधारित इकोसिस्टम सुनिश्चित हुआ है।

फ़ोरम में भागीदारों और सहयोगियों ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ सहयोग की कई संभावनाओं पर जोर दिया।

पोस्ट में कहा गया, “हमारे लिए प्रमुख रुचि के क्षेत्र मज़बूत आपूर्ति शृंखलाओं का निर्माण करना हैं, जो #आत्मनिर्भरभारत को मजबूत करने में मदद करेंगी और #विकसितभारत के हमारे सपने को साकार करने में प्रगति सुनिश्चित करेंगी…”

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

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