दावोस, 23 जनवरी (PTI) विश्व आर्थिक मंच (WEF) ने शुक्रवार को कौशल विकास में निवेश के लिए एक बड़ी वैश्विक पहल की घोषणा की, जिसके तहत दुनिया भर में 85 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई जाएगी।
WEF ने भारत और जॉर्डन में नए स्किल्स और एजुकेशन एक्सेलेरेटर शुरू करने की भी घोषणा की, जिससे 45 राष्ट्रीय एक्सेलेरेटरों के वैश्विक नेटवर्क को और मजबूती मिली है, जिसने अब तक सामूहिक रूप से 1.48 करोड़ लोगों को सहयोग दिया है।
ये एक्सेलेरेटर सरकार, उद्योग और नागरिक समाज को एक मंच पर लाकर रोजगार, कौशल विकास और समावेशी आर्थिक वृद्धि पर वैश्विक समझ को देश-विशेष की कार्ययोजनाओं में बदलते हैं।
भारत एक्सेलेरेटर का फोकस समान और न्यायसंगत स्किलिंग में मौजूद बाधाओं को दूर करने पर होगा, जबकि जॉर्डन एक्सेलेरेटर उभरती तकनीकों का उपयोग कर शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर काम करेगा।
WEF ने कहा कि उसकी ‘री-स्किलिंग रेवोल्यूशन’ पहल दुनिया भर में 85 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचने की दिशा में अग्रसर है और 1 अरब लोगों को बेहतर कौशल, शिक्षा और आर्थिक अवसरों तक पहुंच उपलब्ध कराने के लक्ष्य के करीब पहुंच चुकी है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), भू-आर्थिक बदलावों और ऊर्जा संक्रमण के कारण वैश्विक श्रम बाजार तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए कार्यबल को तैयार करना एक तात्कालिक वैश्विक प्राथमिकता बन गया है।
WEF ने कहा कि नई प्रतिबद्धताओं में कॉर्पोरेट वादे, विश्वविद्यालय-नियोक्ता साझेदारियां और राष्ट्रीय स्किल्स एक्सेलेरेटर शामिल हैं, जिनका उद्देश्य यह पुनःपरिभाषित करना है कि लोग कार्यबल में कैसे प्रवेश करते हैं, नौकरियों के बीच कैसे स्थानांतरित होते हैं और AI-प्रभावित अर्थव्यवस्था में कैसे रोजगार योग्य बने रहते हैं।
री-स्किलिंग रेवोल्यूशन के तहत 25 से अधिक प्रौद्योगिकी कंपनियों ने 12 करोड़ श्रमिकों को AI तक पहुंच, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के रास्ते उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है।
WEF की प्रबंध निदेशक सादिया ज़ाहिदी ने कहा, “वैश्विक अर्थव्यवस्था दशकों में अपने सबसे बड़े परिवर्तन से गुजर रही है। लेकिन काम का भविष्य तय नहीं है। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि श्रमिकों को सीखने के अवसर, नौकरी परिवर्तन के लिए सहयोग और उद्यमिता के लिए समर्थन कितना मिलता है।”
उन्होंने कहा, “आज की घोषणाएं निर्णायक कार्रवाई को दर्शाती हैं — शिक्षा प्रदाताओं, नियोक्ताओं और सरकारों को एकजुट कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि काम का भविष्य सभी के लिए अवसर लेकर आए।”
यह पहल 79 अर्थव्यवस्थाओं और 18 उद्योगों के साथ काम करती है और इसे 350 से अधिक संगठनों तथा 35 से ज्यादा CEOs का समर्थन प्राप्त है।
एडोबी, कॉर्नरस्टोन ऑनडिमांड, सिस्को, JD.com, SAP, सेल्सफोर्स, सर्विसनाउ, स्नोफ्लेक, विप्रो और वर्कडे जैसी कंपनियों से नई प्रतिबद्धताएं सामने आई हैं।
री-स्किलिंग रेवोल्यूशन की अधिकांश प्रतिबद्धताएं AI और डिजिटल कौशल पर केंद्रित हैं, मानव-केंद्रित क्षमताओं पर जोर देती हैं और उन एंट्री-लेवल भूमिकाओं को प्राथमिकता देती हैं जो बदलाव के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील हैं।
PwC के साथ मिलकर किए गए नए शोध में, जिसमें 48 देशों के 9,000 एंट्री-लेवल कर्मचारियों का सर्वे किया गया, यह सामने आया कि AI के कारण पारंपरिक करियर की शुरुआती भूमिकाओं में बदलाव से कौशल की प्रासंगिकता और नौकरी सुरक्षा को लेकर व्यापक अनिश्चितता है।
इस चुनौती से निपटने के लिए WEF ने ‘लर्निंग-टू-अर्निंग सैंडबॉक्स’ शुरू किया है, जो विश्वविद्यालयों, नियोक्ताओं और सरकारों को जोड़कर ऐसे मॉडल आजमाता है, जिनमें भुगतानयुक्त कार्य अनुभव को कौशल विकास के साथ जोड़ा जाता है।
वार्षिक बैठक 2026 के दौरान, प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था की नौ कंपनियों ने प्लेटफॉर्म-आधारित कार्य के लिए साझा जिम्मेदार सिद्धांत भी लॉन्च किए, जिनमें अवसरों तक पहुंच, आय और लाभ, तथा सुरक्षित कार्य परिस्थितियों जैसे मुद्दों को संबोधित किया गया। PTI BJ HVA
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