
टोरंटो, 26 जनवरी (AP) कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कुछ धमकियों को दोनों बड़े व्यापारिक साझेदारों के बीच मुक्त व्यापार समझौते के नवीनीकरण पर होने वाली बातचीत से पहले की रणनीतिक स्थिति के रूप में देखा जाना चाहिए।
कार्नी ने कहा कि इस वर्ष संयुक्त राज्य–मेक्सिको–कनाडा समझौते की समीक्षा शुरू होने जा रही है और उन्हें “मजबूत समीक्षा” की उम्मीद है।
“राष्ट्रपति एक मजबूत वार्ताकार हैं, और इन टिप्पणियों व रुख को इसी व्यापक संदर्भ में देखा जाना चाहिए,” कार्नी ने कहा।
पिछले सप्ताहांत ट्रंप ने धमकी दी थी कि यदि कनाडा बीजिंग के साथ व्यापार समझौते पर आगे बढ़ा तो अमेरिका कनाडा से आयात होने वाले सामानों पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाएगा, जिसे लेकर कार्नी ने कहा कि कनाडा की इसमें कोई रुचि नहीं है।
कार्नी ने कहा कि चीन के साथ उनका हालिया समझौता केवल उन कुछ क्षेत्रों पर लगाए गए शुल्कों को कम करता है, जिन पर हाल ही में शुल्क लगाया गया था।
2024 में कनाडा ने अमेरिका की तर्ज पर बीजिंग से आने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत और स्टील व एल्युमिनियम पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया था। इसके जवाब में चीन ने कनाडाई कैनोला तेल और भोजन पर 100 प्रतिशत तथा पोर्क और समुद्री खाद्य पदार्थों पर 25 प्रतिशत आयात कर लगा दिया था।
इस महीने बीजिंग यात्रा के दौरान अमेरिका से अलग रुख अपनाते हुए कार्नी ने चीनी इलेक्ट्रिक कारों पर लगाया गया 100 प्रतिशत शुल्क घटा दिया, जिसके बदले उन कनाडाई उत्पादों पर शुल्क कम किया गया।
“पिछले सप्ताह चीन के साथ हुई नई रणनीतिक साझेदारी से कनाडा में हजारों किफायती इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध होंगे,” कार्नी ने सोमवार को कहा।
कार्नी ने बताया कि चीनी ईवी निर्यात के लिए प्रारंभिक वार्षिक सीमा 49,000 वाहनों की होगी, जिन पर 6.1 प्रतिशत शुल्क लगेगा, और यह पांच वर्षों में बढ़कर लगभग 70,000 हो जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि चीनी ईवी आयात की प्रारंभिक सीमा कनाडा में सालाना बिकने वाले 18 लाख वाहनों का लगभग 3 प्रतिशत है और इसके बदले चीन से उम्मीद है कि वह तीन वर्षों के भीतर कनाडाई ऑटो उद्योग में निवेश शुरू करेगा।
ट्रंप की शुल्क संबंधी धमकी कार्नी के साथ बढ़ते बयानबाजी युद्ध के बीच आई है, ऐसे समय में जब रिपब्लिकन राष्ट्रपति का ग्रीनलैंड को हासिल करने का प्रयास नाटो गठबंधन पर दबाव डाल रहा है।
कार्नी उन देशों के एक आंदोलन के प्रवक्ता के रूप में उभरे हैं, जो ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका का मुकाबला करने के लिए आपस में जुड़ने के तरीके तलाश रहे हैं। ट्रंप से पहले दावोस में बोलते हुए कार्नी ने कहा था, “मध्यम शक्तियों को एकजुट होकर काम करना चाहिए, क्योंकि यदि आप मेज पर नहीं हैं, तो आप मेनू पर हैं।” उनके इस बयान को व्यापक सराहना और ध्यान मिला और विश्व आर्थिक मंच में उन्होंने ट्रंप को पीछे छोड़ दिया।
ग्रीनलैंड को हासिल करने की ट्रंप की कोशिशें उस समय सामने आई हैं, जब उन्होंने बार-बार कनाडा की संप्रभुता पर तंज कसा और उसे अमेरिका का 51वां राज्य बनाने का सुझाव दिया।
पिछले सप्ताह उन्होंने सोशल मीडिया पर एक बदली हुई तस्वीर साझा की, जिसमें अमेरिका के नक्शे में कनाडा, वेनेजुएला, ग्रीनलैंड और क्यूबा को उसके क्षेत्र के हिस्से के रूप में दिखाया गया था। (AP) SCY SCY
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