विशेषज्ञों का कहना है कि मिनेसोटा और संघीय अधिकारियों के बीच खाई अभूतपूर्व है

A demonstrator holds a sign reading "ICE OUT" during a protest outside the office of Sen. Amy Klobuchar, D-Minn., on Monday, Jan. 26, 2026, in Minneapolis. (AP)

सेंट पॉल (अमेरिका), 27 जनवरी (एपी) विशेषज्ञों ने सोमवार को कहा कि मिनेसोटा सरकार और संघीय प्रशासन के बीच अभूतपूर्व विभाजन और गहरा गया है। यह तब सामने आया जब मिनेसोटा ने एक नई वेबसाइट लॉन्च कर उन दावों का खंडन किया, जिन्हें अधिकारियों ने संघीय स्तर की “गलत जानकारी” बताया। यह घटनाक्रम ट्रंप प्रशासन के आव्रजन सख्ती अभियान के दौरान आव्रजन एजेंटों द्वारा दो निवासियों की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद सामने आया है।

मिनेसोटा ने एलेक्स प्रेट्टी की शनिवार को हुई गोलीबारी से जुड़े सबूतों को सुरक्षित रखने के लिए अदालत का रुख भी किया, क्योंकि संघीय अधिकारियों ने राज्य के जांचकर्ताओं को घटनास्थल तक पहुंचने से रोक दिया था।

विशेषज्ञों का कहना है कि कानून प्रवर्तन अभियानों में स्थानीय और संघीय एजेंसियों के बीच वर्षों से चले आ रहे सहयोग के विपरीत, मिनेसोटा और अमेरिकी सरकार के बीच खिंची यह रेखा असामान्य है।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य को ऐसा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि प्रशासन ने दशकों से चली आ रही प्रथाओं के खिलाफ काम किया है—जैसे संघीय एजेंसियों द्वारा एकत्र किए गए सबूतों तक राज्य अधिकारियों को पहुंच न देना और अपने ही सिविल राइट्स डिवीजन को प्रेट्टी और रेनी गुड की गोलीबारी की जांच से रोकना। रेनी गुड को 7 जनवरी को इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) अधिकारी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक—दोनों प्रशासन में काम कर चुके पूर्व संघीय अभियोजकों ने इस विभाजन को बेहद चिंताजनक बताया। हालांकि, सोमवार को मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज़ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई फोन बातचीत को संभावित समाधान की दिशा में संकेत माना जा रहा है। दोनों नेताओं ने कहा कि बातचीत में प्रगति हुई है।

असामान्य वेबसाइट लॉन्च

मिनेसोटा डिपार्टमेंट ऑफ करेक्शंस ने एक वेबसाइट लॉन्च की, जिसे विभागीय नेताओं ने होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की “गलत जानकारी” का मुकाबला करने के लिए समर्पित बताया। इस साइट पर ऐसे उदाहरण दिए गए हैं, जिनमें मिनेसोटा अधिकारियों ने निर्वासन आदेशों के तहत लोगों को हिरासत में रखने के संघीय अनुरोधों का पालन किया—ताकि ट्रंप प्रशासन के इस दावे को खारिज किया जा सके कि ऐसे लोगों को अक्सर रिहा कर दिया जाता है।

विभाग ने ऐसे वीडियो भी जारी किए, जिनमें जेल से संघीय अधिकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से हिरासत सौंपते हुए दिखाया गया है। ये वे मामले हैं, जिनके बारे में ट्रंप प्रशासन ने दावा किया था कि आव्रजन एजेंटों ने उन्हें मौजूदा कार्रवाई के तहत गिरफ्तार किया था।

विभाग ने एक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी कर संघीय एजेंटों द्वारा तलाशे जा रहे लोगों के आपराधिक रिकॉर्ड को लेकर किए गए दावों का खंडन किया। विज्ञप्ति में कहा गया कि शनिवार को जिस ऑपरेशन के केंद्र में व्यक्ति था, वह कभी विभाग की हिरासत में नहीं रहा और केवल एक दशक पुराने मामूली ट्रैफिक उल्लंघन ही दर्ज मिले। हालांकि, यूएस बॉर्डर पेट्रोल प्रमुख ग्रेगरी बोविनो ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उस व्यक्ति का “गंभीर आपराधिक इतिहास” है।

यूनिवर्सिटी ऑफ नोट्रे डेम के लॉ प्रोफेसर जिमी गुरुले ने कहा कि लॉस एंजिल्स में संघीय अभियोजक के रूप में और बाद में जॉर्ज डब्ल्यू. बुश प्रशासन के दौरान ट्रेजरी विभाग में काम करते समय उन्होंने स्थानीय और संघीय एजेंसियों के बीच मतभेद देखे थे। लेकिन उनके अनुभव में मिनेसोटा की स्थिति “अभूतपूर्व” है।

उन्होंने कहा, “मतभेद हमेशा पर्दे के पीछे सुलझाए जाते थे। कभी भी अन्य एजेंसियों की सार्वजनिक आलोचना नहीं होती थी।”

उन्होंने आगे कहा, “अब तो सहयोग का सवाल ही नहीं है। रिश्ता पूरी तरह टूट चुका है। यह स्थिति यहां तक कैसे पहुंच गई कि राज्य और स्थानीय एजेंसियों को संघीय एजेंसियों पर इतना अविश्वास हो गया कि उन्हें अदालत जाना पड़ा?”

अदालत में राहत की मांग

मिनेसोटा ब्यूरो ऑफ क्रिमिनल एप्रिहेंशन और हेनेपिन काउंटी अटॉर्नी ऑफिस ने शनिवार की गोलीबारी के बाद संघीय अदालत में मुकदमा दायर कर संघीय अधिकारियों द्वारा एकत्र किए गए सबूतों को सुरक्षित रखने की मांग की। एक संघीय जज ने ट्रंप प्रशासन को “सबूत नष्ट या परिवर्तित करने” से रोकने का आदेश दिया। संघीय अधिकारियों ने इस मुकदमे और सबूत नष्ट करने के आरोपों को “हास्यास्पद” बताया।

हालांकि, राज्य अधिकारियों की चिंता अकेली नहीं है। दशकों से चली आ रही प्रथा यह रही है कि किसी अधिकारी द्वारा घातक बल प्रयोग की संवैधानिक जांच न्याय विभाग और उसके सिविल राइट्स डिवीजन द्वारा की जाती है। इसके विपरीत, डीएचएस अधिकारियों ने कहा है कि उनका विभाग ही मिनियापोलिस की दोनों गोलीबारी की जांच करेगा।

कनेक्टिकट में जॉर्ज डब्ल्यू. बुश और बराक ओबामा—दोनों के अधीन काम कर चुके पूर्व संघीय अभियोजक क्रिस माटेई ने कहा, “सामान्य समय में आप उम्मीद करते हैं कि न्याय विभाग गोलीबारी की परिस्थितियों की जांच शुरू करेगा। वही स्वतंत्र निकाय रहा है। लेकिन ऐसा लगता है कि इस न्याय विभाग और इसके सिविल राइट्स डिवीजन की आव्रजन संदर्भ में नागरिकों के संवैधानिक अधिकार लागू करने में कोई रुचि नहीं है।”

माटेई, जो अब एक लॉ फर्म में पार्टनर हैं, ने कहा कि ट्रंप के तहत ऐसा प्रतीत होता है कि न्याय विभाग एजेंटों को दी गई व्यापक छूट को बदलना नहीं चाहता।

गुरुले ने सबूत सुरक्षित रखने से जुड़े राज्य के मुकदमे को “चौंकाने वाला” बताया। उन्होंने कहा, “इसका संकेत यह था कि वे न केवल सबूत साझा नहीं कर रहे, बल्कि शायद उन्हें नष्ट भी कर रहे हों। स्पष्ट है कि राज्य के अटॉर्नी जनरल और मिनियापोलिस पुलिस को ICE और DHS पर गहरा अविश्वास है।”

सुलह की संभावनाएं

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप को उप-चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर के उस बयान से अलग बताया, जिसमें प्रेट्टी को हत्यारा कहा गया था। उन्होंने कहा कि हालात तेजी से बदले हैं और ट्रंप ने कभी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया।

गुरुले ने कहा कि इस तरह के बयान निष्पक्ष जांच में जनता के भरोसे को कमजोर करते हैं।

उन्होंने कहा, “जांच से पहले ही निष्कर्ष घोषित कर देना और उसे सार्वजनिक करना असामान्य और पूरी तरह उलटा है।”

ट्रंप के साथ फोन कॉल में, वॉल्ज़ के कार्यालय ने कहा कि गवर्नर ने निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया और ट्रंप ने डीएचएस से बात कर राज्य जांचकर्ताओं को स्वतंत्र जांच की अनुमति देने पर सहमति जताई।

ट्रंप और वॉल्ज़ ने आव्रजन प्रवर्तन पर बेहतर समन्वय से काम करने पर भी चर्चा की। गवर्नर कार्यालय ने दोहराया कि राज्य, संघीय अधिकारियों को हिरासत सौंपे जाने तक गैर-अमेरिकी नागरिक कैदियों को रोकने के अनुरोधों का पालन करता रहेगा।

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

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