
विशाखापत्तनम, 29 जनवरी (पीटीआई): विशाखापत्तनम की सुहावनी रात में न्यूजीलैंड के खिलाफ 23 गेंदों पर 65 रन की विस्फोटक पारी खेलते हुए शिवम दुबे ने तेज गेंदबाजों के खिलाफ अपने बढ़ते आत्मविश्वास को रेखांकित किया। भारतीय ऑलराउंडर ने अपनी इस प्रगति का श्रेय बेहतर होती “मानसिकता” को दिया, जिसने उन्हें एक “ज्यादा समझदार” क्रिकेटर बनाया है।
बेशक, लेग स्पिनर ईश सोढ़ी के खिलाफ दुबे द्वारा लगाए गए 29 रन सबसे ज्यादा चर्चा में रहेंगे, लेकिन उतना ही अहम था तेज गेंदबाज जैकब डफी और मैट हेनरी के खिलाफ लगाए गए उनके तीन छक्के।
यह साफ संकेत था कि अब केवल तेज गेंदबाज को लाकर दुबे को शांत नहीं किया जा सकता और उनकी बल्लेबाजी के इस नए पहलू से विरोधी टीमें रणनीति बनाते समय परेशानी में होंगी।
हालांकि खुद दुबे के लिए यह सुधार उन्हें लगातार शीर्ष स्तर का क्रिकेट खेलने का मौका मिलने की वजह से आया है।
दुबे ने यहां मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,
“यह सिर्फ उस मेहनत का नतीजा है जो मैं कर रहा हूं। मेरी मानसिकता बेहतर हो रही है क्योंकि मैं लगातार मैच खेल रहा हूं और उन परिस्थितियों में बल्लेबाजी कर रहा हूं। अब मुझे पता होता है कि आगे क्या होने वाला है और गेंदबाज मेरे खिलाफ क्या करने की कोशिश करेगा।”
इस सीरीज में दुबे को नियमित रूप से गेंदबाजी करने का मौका भी मिला है, हालांकि इस मैच में उनसे गेंदबाजी नहीं कराई गई क्योंकि भारत ने अपने पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों पर भरोसा किया, यहां तक कि हार्दिक पांड्या ने भी गेंदबाजी नहीं की।
उन्होंने कहा,
“यह मेरी बल्लेबाजी और गेंदबाजी—दोनों के लिए अहम है। गौती भाई (गौतम गंभीर) और सूर्या भाई (सूर्यकुमार यादव) की वजह से मुझे गेंदबाजी का मौका मिला। जब आप गेंदबाजी करते हैं तो आप थोड़ा और समझदार बनते हैं। मैं उसी पर काम कर रहा हूं और कुछ नए कौशल विकसित करने की कोशिश कर रहा हूं।”
दुबे ने माना कि नियमित मैच खेलने से पिछले कुछ महीनों में वह एक क्रिकेटर के तौर पर काफी “स्मार्ट” हुए हैं।
उन्होंने कहा,
“हां, मैंने बहुत मेहनत की है, लेकिन मुझे बल्लेबाजी, गेंदबाजी और मैच में हर तरह की भूमिका निभाने का मौका मिला। अनुभव नाम की एक चीज होती है और वह मुझे मिला है, और वह सही दिशा में जा रहा है।
सभी खिलाड़ी—स्पिनर, तेज गेंदबाज, टीमें—खुद को लगातार बेहतर बनाते रहते हैं। मैं भी पहले जैसा नहीं रह सकता। मैं हर अगले मैच में थोड़ा बेहतर और थोड़ा समझदार बनने की कोशिश करता हूं। मैंने सीखा है कि मेरी ताकत क्या है और मैं कहां हमला कर सकता हूं।”
दुबे का मानना है कि तेज गेंदबाजों के खिलाफ बढ़ा हुआ आत्मविश्वास उन्हें विपक्ष पर और ज्यादा दबाव बनाने में मदद करता है।
उन्होंने कहा,
“यह मैच-अप की बात है। वे चाहते हैं कि मैं स्पिनरों को निशाना बनाऊं। मिडिल ओवरों में स्ट्राइक रेट तेज रखना मेरी भूमिका है। मैं हमेशा यही करने की कोशिश करता हूं। यह सिर्फ स्पिनरों तक सीमित नहीं है, तेज गेंदबाज भी इसमें शामिल हैं।
लेकिन हां, मुझे पता है कि स्पिन के खिलाफ आक्रमण करना मेरी ताकत है और उस वक्त मैं विपक्ष पर दबाव बना सकता हूं। उस समय मेरी मानसिकता बिल्कुल साफ रहती है।”
दुबे ने कहा कि वह रन बनाने के लिए गेंदों की संख्या तय करके नहीं खेलते।
बाएं हाथ के बल्लेबाज की 15 गेंदों में अर्धशतकीय पारी टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तीसरी सबसे तेज फिफ्टी रही—युवराज सिंह (12 गेंद), अभिषेक शर्मा और कॉलिन मुनरो (14 गेंद) के बाद।
उन्होंने कहा,
“एक बल्लेबाज के तौर पर मैं यह नहीं सोचता कि मुझे 15 गेंदों में रन बनाने हैं। मैं हर गेंद पर ध्यान देता हूं। आज भी मैंने वही किया। मैं यह नहीं सोच रहा था कि 15 गेंदों में फिफ्टी बनानी है या कुछ और। मैं सिर्फ गेंद की गुणवत्ता के हिसाब से खेलने की कोशिश कर रहा था।”
इसके बाद दुबे ने 12वें ओवर में सोढ़ी की जमकर की गई धुनाई पर बात की।
उन्होंने कहा,
“यही वह समय होता है जब मैं अपने कौशल को संभालते हुए मिडिल ओवरों में स्ट्राइक रेट ऊंचा रखने की कोशिश करता हूं। यह काफी हद तक मेरे सहज निर्णय पर आधारित था। मुझे लगा कि आज स्पिनरों को मारना थोड़ा मुश्किल है क्योंकि वह (सोढ़ी) अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे।
लेकिन मुझे यह भी पता था कि वह भी थोड़ा दबाव में हैं और कहीं न कहीं खराब गेंद डालेंगे। मैं उसी के लिए तैयार था। मैं उस वक्त हावी होना चाहता था और वही मैंने किया।”
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श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज
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