नई दिल्ली, 1 फरवरी (भाषा)। सरकार ने रविवार को 2026-27 के लिए रक्षा परिव्यय के रूप में 7,84,678 करोड़ रुपये अलग रखे, जबकि पिछले साल यह आवंटन 6,81,210 करोड़ रुपये था।
कुल पूंजी परिव्यय 2,19,306 करोड़ रुपये आंका गया है। राजस्व व्यय 5,53,668 करोड़ रुपये रखा गया है, जिसमें पेंशन के लिए 1,71,338 करोड़ रुपये शामिल हैं।
पूंजीगत व्यय के तहत, विमान और एयरो इंजन के लिए 63,733 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं, जबकि नौसेना के बेड़े के लिए 25,023 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
2025-26 में, सरकार ने रक्षा बजट के लिए 6,81,210 रुपये आवंटित किए। पूंजी परिव्यय 1,80,000 करोड़ रुपये आंका गया था जो संशोधित अनुमान चरण में बढ़कर 1,86,454 करोड़ रुपये हो गया।
अपने बजट भाषण में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नागरिक, प्रशिक्षण और अन्य विमानों के निर्माण के लिए आवश्यक कलपुर्जों और पुर्जों पर बुनियादी सीमा शुल्क से छूट देने का प्रस्ताव किया।
उन्होंने रक्षा क्षेत्र में इकाइयों द्वारा रखरखाव, मरम्मत या ओवरहाल आवश्यकताओं में उपयोग किए जाने वाले विमान के पुर्जों के निर्माण के लिए आयातित कच्चे माल पर बुनियादी सीमा शुल्क को माफ करने की भी घोषणा की।
इन दोनों फैसलों से रक्षा एयरोस्पेस उद्योग को मदद मिलने की उम्मीद है। पीटीआई एमपीबी डीवी डीवी
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