निजी स्कूल फीस कानून 2025-26 सत्र में लागू नहीं होगाः दिल्ली सरकार

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**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image released by @gupta_rekha via X on April 29, 2025, Delhi Chief Minister Rekha Gupta during a cabinet meeting regarding the Delhi School Education (Transparency in Fixation & Regulation of Fees) Bill 2025, in New Delhi. The cabinet has approved the bill. (@gupta_rekha via PTI Photo)(PTI04_29_2025_000467B)

नई दिल्ली, 2 फरवरी (भाषा)। दिल्ली सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में निजी स्कूलों में फीस को नियंत्रित करने वाला एक नया कानून शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में लागू नहीं किया जाएगा।

यह बयान न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ के समक्ष दिया गया, जो दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण और विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम, 2025 के कार्यान्वयन से संबंधित याचिकाओं के एक समूह की सुनवाई कर रही थी।

दिल्ली सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने पीठ से कहा कि मौजूदा शैक्षणिक वर्ष में कानून लागू नहीं किया जाएगा।

पीठ ने कहा, एस वी राजू के स्पष्टीकरण के मद्देनजर… कि कानूनी व्यवस्था 2025-26 से लागू नहीं की जाएगी, आगे किसी आदेश की आवश्यकता नहीं है।

पीठ ने सभी मुद्दों को दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष उठाए जाने के लिए खुला छोड़ दिया, जो 2025 अधिनियम और उसके बाद के नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक समूह की सुनवाई कर रहा है।

शीर्ष अदालत उच्च न्यायालय के 8 जनवरी के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसने यहां के निजी स्कूलों को शुल्क विनियमन समितियों के गठन का निर्देश देने वाली अधिसूचना पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था, लेकिन इस तरह की समितियों के गठन के लिए समय बढ़ा दिया था।

सुनवाई के दौरान, मामले में पेश अधिवक्ताओं में से एक ने कहा कि उच्च न्यायालय को इस मुद्दे पर जल्द से जल्द फैसला करना चाहिए क्योंकि इसमें कई स्कूल और लाखों बच्चे शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “उच्च न्यायालय इस बात से अवगत है। यह मानने की कोई आवश्यकता नहीं है कि उच्च न्यायालय अनजान है और केवल हम ही हैं जो इसके बारे में जानते हैं।

जब एक अन्य वकील ने कहा कि मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय द्वारा 31 मार्च से पहले की जानी चाहिए, तो पीठ ने कहा कि पक्षकार उच्च न्यायालय के समक्ष याचिकाओं के शीघ्र निपटारे के लिए अनुरोध कर सकते हैं।

19 जनवरी को याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने दिल्ली सरकार से कानून को लागू करने के समय को लेकर सवाल किया था।

पीठ ने कहा था कि 2025 अधिनियम का कार्यान्वयन, जब शैक्षणिक वर्ष पहले से ही चल रहा था, भ्रमित और संभावित रूप से अव्यवहारिक लग रहा था।

दिल्ली सरकार ने हाल ही में अधिनियम को अधिसूचित किया है, जो अनुमेय शुल्क शीर्षों, लेखा प्रथाओं और अतिरिक्त शुल्कों पर प्रतिबंधों पर विस्तृत प्रावधान करता है, जबकि कैपिटेशन शुल्क और कानून के तहत अनुमोदित से परे किसी भी संग्रह को प्रतिबंधित करता है।

उच्च न्यायालय ने 8 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी में निजी स्कूलों को शुल्क विनियमन समितियों के गठन का निर्देश देने वाली अधिसूचना पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था, लेकिन इस तरह की समितियों के गठन का समय 10 जनवरी से बढ़ाकर 20 जनवरी कर दिया था।

इसने यह भी कहा कि स्कूल प्रबंधन द्वारा समितियों को प्रस्तावित शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि भी 25 जनवरी से बढ़ाकर 5 फरवरी कर दी जानी चाहिए। पीटीआई एबीए एबीए केएसएस केएसएस

वर्गः ब्रेकिंग न्यूज़

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