वॉशिंगटन, 4 फरवरी (एपी) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो से लगभग दो घंटे तक मुलाकात की। यह सौहार्दपूर्ण आमने-सामने की बैठक ऐसे समय हुई जब कुछ ही हफ्ते पहले ट्रंप ने दक्षिण अमेरिकी देश के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी दी थी और उसके नेता पर अमेरिका में कोकीन भेजने का आरोप लगाया था।
बाद में ट्रंप ने कहा कि वह और पेट्रो कभी “सबसे अच्छे दोस्त” नहीं रहे। उन्होंने संकेत दिया कि वह कोलंबिया के राष्ट्रपति से इसलिए आहत महसूस कर रहे थे क्योंकि वह उन्हें जानते नहीं थे और दोनों की पहले कभी मुलाकात नहीं हुई थी।
हालांकि बाद में उन्होंने अपना विचार बदलते हुए कहा, “हमारी बैठक बहुत अच्छी रही। मुझे वह शानदार लगे।” ट्रंप ने बताया कि दोनों नेताओं ने मादक पदार्थों की तस्करी रोकने में सहयोग और कई अन्य मुद्दों पर चर्चा की।
यह बैठक ट्रंप के उस बयान के बाद हुई जिसमें उन्होंने कहा था कि पेट्रो, जो वेनेजुएला के निकोलस मादुरो को पकड़ने के अमेरिकी अभियान की लगातार आलोचना करते रहे हैं, अब कोलंबिया से अवैध ड्रग्स के प्रवाह को रोकने के लिए उनकी सरकार के साथ काम करने के प्रति अधिक इच्छुक हो गए हैं।
दोनों पक्षों में अच्छे भाव नजर आए।
पेट्रो ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर ट्रंप की किताब “द आर्ट ऑफ द डील” की एक तस्वीर साझा की, जिस पर हस्ताक्षर के साथ लिखा था, “यू आर ग्रेट।” कोलंबिया के राष्ट्रपति ने व्यंग्यात्मक अंदाज़ में स्पेनिश में लिखा, “इस समर्पण के जरिए ट्रंप मुझसे क्या कहना चाहते थे? मैं अंग्रेज़ी बहुत अच्छी तरह नहीं समझता।”
पेट्रो ने कोलंबिया के काराकोल रेडियो को दिए एक साक्षात्कार में यह भी कहा कि उन्होंने ट्रंप से अपने देश और इक्वाडोर के बीच बढ़ते व्यापार युद्ध में मध्यस्थता करने का अनुरोध किया।
फिर भी, अतीत की तल्खी अब भी बनी हुई है। मंगलवार की बैठक से पहले के दिनों में वामपंथी नेता पेट्रो ने रूढ़िवादी अमेरिकी राष्ट्रपति पर लगातार तंज कसा था। उन्होंने गाजा पट्टी में “नरसंहार का सहयोगी” कहकर ट्रंप की आलोचना की और मादुरो की गिरफ्तारी को “अपहरण” बताया।
वॉशिंगटन रवाना होने से पहले पेट्रो ने कोलंबियाइयों से अपील की थी कि वे व्हाइट हाउस में बैठक के दौरान बोगोटा की सड़कों पर उतरें। वह बाद में मंगलवार को वॉशिंगटन स्थित कोलंबियाई दूतावास में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की योजना बना रहे हैं।
पेट्रो के साथ विदेश मंत्री रोज़ा योलांडा विलाविसेंसियो, रक्षा मंत्री पेद्रो अर्नुल्फो सांचेज़ सुवारेज़ और राजदूत डेनियल गार्सिया-पेना मौजूद थे। वहीं ट्रंप के साथ उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रिपब्लिकन सीनेटर बर्नी मोरेनो (ओहायो), जो कोलंबिया में जन्मे हैं, शामिल थे।
बैठक शुरू होने से कुछ मिनट पहले पेट्रो ने अपने कार्यालय द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में खुद को ऐसा राजनेता बताया जिसने ड्रग तस्करों की निंदा की है और उनके खिलाफ मुकदमे चलाए हैं।
अपनी एक बेटी और पोती के साथ मौजूद पेट्रो ने कहा कि ड्रग तस्करी के खिलाफ उनकी लड़ाई के कारण उनके अधिकांश बच्चे निर्वासन में कोलंबिया के बाहर रहते हैं। उन्होंने कहा, “हमने इसके प्रभावों को सीधे तौर पर झेला है।”
ऐतिहासिक रूप से कोलंबिया अमेरिका का सहयोगी रहा है। पिछले 30 वर्षों से अमेरिका ने दुनिया के सबसे बड़े कोकीन उत्पादक देश कोलंबिया के साथ मिलकर ड्रग तस्करों की गिरफ्तारी, विद्रोही समूहों से निपटने और ग्रामीण इलाकों में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए काम किया है। कोलंबिया को अमेरिका द्वारा प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी का दर्जा भी दिया गया है।
लेकिन ट्रंप द्वारा कैरेबियाई सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में संदिग्ध ड्रग-तस्करी नौकाओं पर अभूतपूर्व घातक सैन्य हमले शुरू करने के बाद दोनों नेताओं के रिश्तों में तनाव आ गया। 36 ज्ञात हमलों में कम से कम 126 लोगों की मौत हुई है।
अक्टूबर में ट्रंप की रिपब्लिकन सरकार ने वैश्विक ड्रग तस्करी में कथित संलिप्तता के आरोपों के चलते पेट्रो, उनके परिवार और उनकी सरकार के एक सदस्य पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी।
अमेरिकी ट्रेज़री विभाग ने पेट्रो, उनकी पत्नी वेरोनिका डेल सोकोरो अलकोसर गार्सिया, उनके बेटे निकोलस फर्नांडो पेट्रो बुर्गोस और कोलंबिया के गृह मंत्री आर्मांडो अल्बर्टो बेनेडेटी पर ये प्रतिबंध लगाए थे।
इन प्रतिबंधों को इस सप्ताह पेट्रो की वॉशिंगटन यात्रा के लिए अस्थायी रूप से हटाया गया। यह कदम तब उठाया गया जब सितंबर में अमेरिकी प्रशासन ने कोलंबिया को उन देशों की सूची में शामिल किया जो ड्रग युद्ध में सहयोग नहीं कर रहे हैं—तीन दशकों में पहली बार।
इसके बाद पिछले महीने मादुरो और उनकी पत्नी को संघीय ड्रग साजिश के आरोपों का सामना कराने के लिए पकड़ने का एक साहसिक सैन्य अभियान चला, जिसकी पेट्रो ने कड़ी निंदा की। मादुरो के सत्ता से हटने के बाद ट्रंप ने कोलंबिया को चेतावनी दी और पेट्रो को संकेत दिया कि अगली बारी उनकी हो सकती है।
पिछले महीने ट्रंप ने पेट्रो को “एक बीमार आदमी जो कोकीन बनाना और अमेरिका में बेचना पसंद करता है” बताया था। उन्होंने कहा था, “और वह यह ज्यादा दिन तक नहीं करेगा।”
हालांकि कुछ दिन बाद दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत के बाद तनाव कुछ कम हुआ। ट्रंप ने कहा कि पेट्रो ने एक घंटे की बातचीत में “ड्रग स्थिति और अन्य मतभेदों” को समझाया और इसके बाद ट्रंप ने उन्हें व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया।
पेट्रो तोहफे लेकर पहुंचे, ट्रंप ने औपचारिक स्वागत नहीं किया
कोलंबियाई राष्ट्रपति ने कहा कि वह बैठक में अपने देश की मादक पदार्थ-रोधी पहलों का विवरण देने वाले थे। कूटनीतिक संकेत के तौर पर पेट्रो ट्रंप के लिए कोलंबिया के चोको क्षेत्र की एक पारंपरिक वूनान आदिवासी टोकरी और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप के लिए नारीन्यो के आदिवासी कारीगरों द्वारा बनाई गई एक हस्तनिर्मित पोशाक लेकर आए थे।
पेट्रो के कार्यालय ने ट्रंप और पेट्रो की एक तस्वीर जारी की जिसमें दोनों ओवल ऑफिस की ओर जाते हुए बातचीत करते नजर आ रहे हैं। तस्वीर में वॉशिंगटन में कोलंबिया के राजदूत गार्सिया-पेना के हाथ में ट्रंप की किताब “द आर्ट ऑफ द डील” दिखाई दे रही है।
हालांकि ट्रंप ने पेट्रो के व्हाइट हाउस पहुंचने पर औपचारिक स्वागत नहीं किया और न ही नॉर्थ पोर्टिको पर प्रेस के सामने पारंपरिक फोटो खिंचवाई। इसके बजाय पेट्रो व्हाइट हाउस के एक साइड प्रवेश द्वार से अंदर गए। दोनों नेताओं ने मीडिया के सामने संयुक्त बयान भी नहीं दिया, जो आमतौर पर ऐसे दौरों में होता है।
(एपी)

