
नई दिल्ली, 4 फरवरी (पीटीआई) भाजपा ने मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से यह कहना बंद करने को कहा कि उन्हें सदन में बोलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पार्टी ने कहा कि यदि उन्हें बोलने के अपने अधिकार का प्रयोग करना है तो उन्हें संसद के नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करना होगा।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने निचले सदन में कांग्रेस सांसदों के अव्यवस्थित आचरण की कड़ी आलोचना की और कहा कि संसद वह स्थान नहीं है जहां सदस्य पीठासीन अधिकारी पर कागज फेंकें और डेस्क पर चढ़कर “नाचें”।
लोकसभा में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव मंगलवार को और तीव्र हो गया, जब विरोध कर रहे आठ सांसदों को “अव्यवस्थित आचरण” के लिए निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब राहुल गांधी को 2020 के भारत-चीन संघर्ष पर पूर्व थलसेना प्रमुख एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित “संस्मरण” का हवाला देने वाले एक लेख का उद्धरण देने से लगातार दूसरे दिन रोका गया।
कांग्रेस के सात और भाकपा(माले) के एक सांसद को बजट सत्र की शेष अवधि—जो 2 अप्रैल को समाप्त होगी—के लिए निलंबित कर दिया गया। इन सांसदों पर महासचिव की मेज पर चढ़ने की कोशिश करने, कागज फाड़ने और पीठासीन अधिकारी की ओर फेंकने का आरोप है।
गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर सदन में बोलने की अनुमति न दिए जाने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया और इसे “हमारे लोकतंत्र पर धब्बा” बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास में यह पहली बार है जब विपक्ष के नेता को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने की अनुमति नहीं दी गई।
इस पर पलटवार करते हुए रिजिजू ने कहा, “राहुल गांधी नियमों का पालन नहीं करते और फिर कहते हैं कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा। वह बार-बार कहते हैं कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा, जबकि हम उनसे बोलने को कह रहे हैं। लेकिन वह नियमों की सीमाओं को लांघकर बोलने की बात करते हैं।”
संसदीय कार्य मंत्री ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, “इसलिए उन्हें कानून के अनुसार बोलने के अधिकार का प्रयोग करना चाहिए और यह झूठा आरोप लगाना बंद करना चाहिए कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर आप कानून का पालन नहीं करेंगे और स्वयं को संसद से ऊपर समझेंगे, तो यह देश कैसे चलेगा?”
कांग्रेस सदस्यों के निलंबन पर पूछे गए सवाल पर रिजिजू ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। हालांकि उन्होंने कहा, “मैं यहां यह कहना चाहता हूं कि कोई भी नियमों से ऊपर नहीं है। यदि कोई सांसद यह सोचता है कि वह संसद और संविधान के नियमों से ऊपर है, तो यह संभव नहीं है।”
रिजिजू ने कहा कि संसद में हर कोई—वे स्वयं, लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा के सभापति और सभी सदस्य—नियमों का पालन करने के लिए बाध्य हैं और नियमों के उल्लंघन पर ‘दंड’ का प्रावधान है।
उन्होंने जोड़ा, “यह वह स्थान नहीं है जहां आप स्पीकर पर कागज फेंकें और मेज पर चढ़कर नाचें। संसद लोकतंत्र का मंदिर है।”
लोकसभा में कांग्रेस सदस्यों के आचरण पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “राहुल गांधी और कांग्रेस संसद को अपनी पार्टी का दफ्तर समझ रहे हैं, जहां ‘युवराज’ और ‘पप्पू भैया’ जो भी कहें वही सही माना जाए।”
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “कांग्रेस अपने व्यवहार से सदन की गरिमा को नष्ट कर रही है। और आज उन्होंने सारी सीमाएं पार कर दीं।”
सिंह ने आरोप लगाया, “शायद वे मानते हैं कि केवल गांधी परिवार को ही शासन करने का अधिकार है और एक चाय बेचने वाले का बेटा शीर्ष पर नहीं रह सकता।” उन्होंने कहा, “संसद नियमों और प्रक्रियाओं से चलेगी, किसी के फरमान से नहीं।”
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में कांग्रेस सदस्यों के आचरण को “गुंडागर्दी” करार दिया और आरोप लगाया कि मुख्य विपक्षी दल संसद को बंधक बनाना चाहता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के ये लोग लोकतंत्र के रक्षक नहीं बल्कि “गुंडे” हैं। “गांधी परिवार अब भी मानता है कि वही इस देश के शासक हैं,” दुबे ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा। पीटीआई पीके पीके एनएसडी एनएसडी
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