
नई दिल्ली, 4 फरवरी (पीटीआई) — विश्व कैंसर दिवस पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बीमारी से निपटने के लिए सामूहिक और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया और जोर दिया कि कैंसर केवल एक चिकित्सीय स्थिति नहीं, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक चुनौती भी है।
वह ‘जन जन जागे, कैंसर भागे’ अभियान के तहत नई दिल्ली नगर पालिका परिषद कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव भी शामिल हुए।
गुप्ता ने कहा, “कैंसर जैसी गंभीर बीमारी सिर्फ शरीर को ही प्रभावित नहीं करती। यह व्यक्ति की मानसिक मजबूती, आत्मविश्वास और पूरे परिवार की आर्थिक स्थिरता पर गहरा असर डालती है।”
उन्होंने कहा कि कैंसर के खिलाफ लड़ाई अस्पतालों और उपचार प्रोटोकॉल तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे “सामूहिक सामाजिक सहयोग और मानवीय संवेदनशीलता” से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर दिल्ली की स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ के रूप में उभर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “फिलहाल राजधानी में करीब 350 आयुष्मान आरोग्य मंदिर कार्यरत हैं, जहां मुंह, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की मुफ्त जांच के साथ दवाएं, टीकाकरण और आवश्यक जांच सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।”
सस्ती दवाओं की पहल का उल्लेख करते हुए गुप्ता ने कहा कि देशभर में 16,000 से अधिक जन औषधि केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जहां बाजार मूल्य से 90 प्रतिशत तक कम कीमत पर दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
उन्होंने कहा कि आम लोगों तक सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं पहुंचाने के लिए दिल्ली में इन केंद्रों का लगातार विस्तार किया जा रहा है। पीटीआई SSM OZ OZ
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