
नई दिल्ली, 5 फरवरी (पीटीआई) — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘घुसपैठियों’ को संरक्षण देने को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए मोदी ने राज्यसभा में कहा कि सत्ता में रहते हुए विपक्षी दलों ने लोगों के कल्याण के लिए काम नहीं किया।
तृणमूल कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वह ‘घुसपैठियों’ को बचाने की कोशिश कर रही है।
मोदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार का जिक्र करते हुए कहा, “टीएमसी के हमारे साथियों ने बहुत बातें कीं… उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए… एक निर्दयी सरकार, जो पतन के नए रिकॉर्ड बना रही है, और यहां उपदेश दे रही है। ऐसी निर्दयी सरकार लोगों के भविष्य को अंधकार की ओर धकेल रही है।”
उन्होंने आरोप लगाया, “उन्हें सिर्फ सत्ता की चिंता है… दुनिया के सबसे समृद्ध देश भी अवैध घुसपैठियों को बाहर निकाल रहे हैं। हमारे देश में अदालतों पर घुसपैठियों को बचाने का दबाव डाला जा रहा है।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “देश का युवा ऐसे लोगों को कैसे माफ करेगा जो घुसपैठियों के मामलों को लड़ने में लगे हैं? वे हमारे युवाओं के अधिकार, उनकी आजीविका… आदिवासी जमीन छीन रहे हैं। यह हमारे बेटों-बेटियों की जान को खतरे में डालता है… लेकिन उन्हें सिर्फ सत्ता की परवाह है और वे हमें सलाह दे रहे हैं।”
मोदी ने कहा कि विपक्ष इन समस्याओं के प्रति “अंधा” बना हुआ है, जिनका सामना देश का युवा कर रहा है।
प्रधानमंत्री का यह तंज ऐसे समय आया है, जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुधवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ चल रहे एक मामले में सुप्रीम कोर्ट में खुद पेश होकर बहस करती नजर आईं।
उन्होंने कविता के जरिए भी विपक्ष पर कटाक्ष किया और कहा, “तुम कितना दुनिया को धोखा दोगे, आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां छिपाओगे।”
मोदी ने आगे कहा, “कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, वाम दल—दशकों तक ये केंद्र में भी सत्ता में रहे और राज्यों में भी सरकारें चलाईं। आज हम गर्व से समझौतों की बात करते हैं, पहले जब ‘डील’ का जिक्र होता था तो बोफोर्स डील की बात होती थी। इन्होंने सिर्फ अपनी जेबें भरीं, लोगों की ज़िंदगी बदलना इनकी प्राथमिकता नहीं थी।” (पीटीआई)
