
रांची, 6 फरवरी (पीटीआई)
झारखंड भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि राज्य में झामुमो (जेएमएम) के नेतृत्व वाली सरकार के संरक्षण में अवैध कोयला कारोबार फल-फूल रहा है।
यहां पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए साहू ने दावा किया कि जिन इलाकों में अवैध कोयला व्यापार हो रहा है, वहां के थानेदार और जिला प्रशासन इसमें शामिल हैं और उन्हें राज्य सरकार का संरक्षण प्राप्त है।
उन्होंने कहा कि झारखंड किसी पार्टी या परिवार का नहीं, बल्कि राज्य के 3.5 करोड़ लोगों का है।
साहू मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के उस बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जो उन्होंने गुरुवार को कोडरमा में एक कार्यक्रम के दौरान दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि खनिज संपदा से भरपूर यह राज्य देश के विकास में कोयला, लोहा, अभ्रक (माइका) और अन्य संसाधनों के जरिए योगदान देता है, लेकिन इसके बावजूद यह पिछड़ा रह गया है, जिससे लोगों को गरीबी में जीवन बिताने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
भाजपा नेता ने कहा कि यदि झारखंड कोयला देता है तो अन्य राज्य अन्य संसाधनों का योगदान देते हैं और इस तरह का आदान-प्रदान आगे भी चलता रहेगा।
उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री यह स्पष्ट करें कि पिछले छह वर्षों में उनकी सरकार ने क्या काम किया है। साहू ने आरोप लगाया कि जनता से केवल झूठे वादे ही किए गए हैं।
साहू के आरोपों को खारिज करते हुए, राज्य में जेएमएम के नेतृत्व वाली सरकार की सहयोगी कांग्रेस ने कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले भाजपा नेताओं को आत्ममंथन करना चाहिए।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया अध्यक्ष सतीश पॉल मुनजानी ने आरोप लगाया, “भाजपा को अचानक व्यापारियों की इतनी चिंता कैसे होने लगी, जबकि उनके शासनकाल में राज्य के संसाधनों की खुलेआम लूट हुई और अवैध कोयला कारोबार को राजनीतिक संरक्षण मिला। आज भी कोयला व्यापार से जुड़े मामलों में भाजपा सांसदों और नेताओं के नाम सामने आते रहते हैं। भाजपा नेतृत्व को पहले इसका जवाब देना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा हेमंत सोरेन पर लगाए गए आरोप राजनीतिक हताशा के अलावा कुछ नहीं हैं।
मुनजानी ने कहा, “कांग्रेस और राज्य सरकार झारखंड के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। भाजपा द्वारा फैलाए जा रहे हर तरह के भ्रम और गलत सूचना का जवाब दिया जाएगा।”
(पीटीआई)
