उन्नाव बलात्कार मामला: पीड़िता के पिता की मौत के केस में सेंगर ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

**EDS: FILE PHOTO** The Supreme Court stayed the Delhi High Court's order suspending the life sentence of expelled BJP leader Kuldeep Singh Sengar in the 2017 Unnao rape case, on Dec. 29, 2025. Kuldeep is seen in Lucknow, in this file image dated April 14, 2018. (PTI Photo/Nand Kumar)(PTI12_29_2025_000103B)

नई दिल्ली, 8 फरवरी (पीटीआई)

उन्नाव बलात्कार कांड में आरोपी और निष्कासित भाजपा नेता कुलदीप सिंह सेंगर ने पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में जमानत की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के सोमवार को सुनवाई करने की संभावना है।

इससे पहले 19 जनवरी को दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर की इस मामले में दी गई 10 साल की सजा को निलंबित करने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि मुकदमे में हुई देरी के लिए सेंगर द्वारा दायर की गई कई याचिकाएं भी आंशिक रूप से जिम्मेदार हैं।

13 मार्च 2020 को ट्रायल कोर्ट ने सेंगर को इस मामले में 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी और उस पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।

ट्रायल कोर्ट ने कहा था कि किसी परिवार के “एकमात्र कमाने वाले सदस्य” की मौत के मामले में “कोई नरमी” नहीं बरती जा सकती।

हालांकि ट्रायल कोर्ट ने पीड़िता के पिता की मौत के मामले में आरोपी को हत्या का दोषी नहीं ठहराया था, लेकिन यह मानते हुए कि हत्या का इरादा नहीं था, उसे गैर-इरादतन हत्या (जो हत्या की श्रेणी में नहीं आती) के अपराध में अधिकतम सजा दी गई थी।

दिसंबर 2019 के उस फैसले के खिलाफ, जिसमें सेंगर को बलात्कार के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी, उसकी अपील के साथ-साथ पीड़िता के पिता की मौत के मामले में दायर अपील भी फिलहाल हाई कोर्ट में लंबित है।

23 दिसंबर 2025 को हाई कोर्ट ने बलात्कार मामले में उसकी दोषसिद्धि और सजा को चुनौती देने वाली अपील के निपटारे तक सेंगर की सजा निलंबित कर दी थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 29 दिसंबर 2025 को उस निलंबन पर रोक लगा दी थी।

(पीटीआई)