गाज़ा शांति बोर्ड के उद्घाटन शिखर सम्मेलन में शामिल होगा पाकिस्तान: रिपोर्ट्स

President Donald Trump speaks to reporters as he flies aboard Air Force One from Joint Base Andrews, Md., to West Palm Beach, Fla., Friday, Feb. 6, 2026 AP/PTI(AP02_07_2026_000005B)

इस्लामाबाद, 8 फरवरी (पीटीआई)

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान को गाज़ा के लिए गठित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के उद्घाटन शिखर सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण मिला है और देश के 19 फरवरी को अमेरिका में होने वाली इस बैठक में शामिल होने की संभावना है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी में गाज़ा पट्टी में इज़राइल और हमास के बीच युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण के तहत इस बोर्ड की घोषणा की थी। वाशिंगटन इसे गाज़ा और उससे आगे शांति व स्थिरता लाने वाले एक नए अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने 21 जनवरी को कहा था कि उसने राष्ट्रपति ट्रंप का गाज़ा के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है और ट्रंप ने प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ को इस निकाय का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया था।

अमेरिकी मीडिया ने शनिवार को बताया कि अमेरिका ने शुक्रवार को 19 फरवरी को होने वाले कार्यक्रम के लिए निमंत्रण भेजे हैं। सीएनएन के अनुसार, यह सम्मेलन वॉशिंगटन स्थित यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में आयोजित किया जाएगा।

रविवार को ‘डॉन’ अख़बार ने वाशिंगटन में राजनयिक सूत्रों के हवाले से बताया कि इस्लामाबाद को यह निमंत्रण उन देशों तक पहुंच के तहत मिला है, जो पहले ही इस बोर्ड में शामिल हो चुके हैं। एक राजनयिक सूत्र ने कहा,

“यह एक अहम बैठक होगी, जिसका उद्देश्य बोर्ड को स्वरूप और संरचना देना है।”

वहीं, ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने इस्लामाबाद के सूत्रों के हवाले से बताया कि पाकिस्तान गाज़ा बोर्ड ऑफ पीस के उद्घाटन शिखर सम्मेलन में भाग लेगा। विदेश मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा कि पाकिस्तान को औपचारिक निमंत्रण प्राप्त हो गया है।

हालांकि अभी आधिकारिक निर्णय की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इस्लामाबाद के शामिल होने की संभावना है। पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व या तो प्रधानमंत्री या उप प्रधानमंत्री करेंगे।

19 फरवरी की बैठक में गाज़ा की तेजी से बदलती स्थिति, शांति और स्थिरता बहाल करने के उपायों तथा संकट के सुरक्षा और मानवीय दोनों पहलुओं से निपटने के लिए भविष्य की रूपरेखा पर चर्चा होने की उम्मीद है।

अधिकारियों का मानना है कि गाज़ा बोर्ड ऑफ पीस में भागीदारी से पाकिस्तान को प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हितधारकों के सामने अपना पक्ष सीधे रखने और नागरिकों की और क्षति तथा क्षेत्रीय अस्थिरता को रोकने के लिए सामूहिक कार्रवाई की वकालत करने का अवसर मिलेगा।

अब तक 20 से अधिक देश इस बोर्ड में शामिल हो चुके हैं, जिनमें पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्की, क़तर, संयुक्त अरब अमीरात, इंडोनेशिया, अर्जेंटीना और हंगरी शामिल हैं।

‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ के अनुसार, इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, जिन्होंने बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है, राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अलग बैठकों के लिए भी वाशिंगटन में मौजूद रहने की उम्मीद है।