
नई दिल्ली, 9 फरवरी (पीटीआई)
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को बताया कि 2025-26 की सर्दियों के मौसम (अक्टूबर–जनवरी) के दौरान दिल्ली में ‘गंभीर’ वायु गुणवत्ता वाले 10 दिन दर्ज किए गए, जबकि 2016-17 में ऐसे 31 दिन थे।
उन्होंने यह जानकारी लोकसभा में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी द्वारा पूछे गए एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
यादव ने कहा, “2025-26 के सर्दियों के मौसम (अक्टूबर–जनवरी) के दौरान दिल्ली में गंभीर AQI स्तर (AQI>401) वाले कुल 10 दिन रहे, जबकि 2016-17 में यह संख्या 31 थी।”
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत 130 शहरों में किए गए केंद्रित प्रयासों से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। 2024-25 में 2017-18 की तुलना में 103 शहरों में पीएम10 (PM10) की सांद्रता में कमी दर्ज की गई है। इनमें से 64 शहरों में पीएम10 स्तर में 20 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है और 25 शहरों ने 40 प्रतिशत से अधिक की कमी हासिल की है।
उन्होंने कहा, “कुल 22 शहर राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (एनएएक्यूएस) पर खरे उतरे हैं और इन शहरों में पीएम10 की सांद्रता 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से कम है। समन्वित प्रयासों के साथ दिल्ली का औसत AQI भी सुधरा है, जो 2018 में 225 था, वहीं 2025 में 201 रहा।”
केंद्रीय मंत्री ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों की भी जानकारी दी।
वहीं, मनीष तिवारी ने अपने प्रश्न के उत्तर को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक के लगभग तीन लगातार महीनों तक 400 या उससे ऊपर ‘गंभीर’ स्तर पर बने रहने को रोकने में विफल रहने के कारणों, तथा ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRैप) और उसके क्रियान्वयन या प्रवर्तन में पहचानी गई खामियों को लेकर सरकार के रवैये पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, “यह दुखद है कि सरकार समस्या की गंभीरता और व्यापकता को स्वीकार करने के बजाय, एक अस्तित्व से जुड़े मुद्दे को तुच्छ आंकड़ों के जरिए भ्रमित और अस्पष्ट करने की कोशिश कर रही है।”
