ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अमेरिका से वार्ता स्थल ओमान जाएंगे, परमाणु संदेश ले जाने की संभावना

Ali Larijani, center, head of Iran's National Security Council, gestures as Hezbollah supporters throw rice to welcome him outside Rafik Hariri International Airport in Beirut, Lebanon, Wednesday, Aug. 13, 2025. AP/PTI(AP08_13_2025_000309B)

दुबई, 10 फरवरी (एपी) ईरान के एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मंगलवार को ओमान की यात्रा करेंगे। मध्य-पूर्व का यह सल्तनत देश तेहरान और अमेरिका के बीच इस्लामी गणराज्य के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही वार्ताओं में मध्यस्थता कर रहा है, जिनका उद्देश्य संभावित अमेरिकी हमले को रोकना है।

ईरानी संसद के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान में देश की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी, संभवतः पिछले सप्ताह मस्कट में अमेरिकियों के साथ हुई अप्रत्यक्ष वार्ताओं के पहले दौर पर ईरान की प्रतिक्रिया लेकर जाएंगे।

राज्य संचालित समाचार एजेंसी इरना के अनुसार, लारिजानी की ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी — जो इन वार्ताओं के मुख्य मध्यस्थ हैं — और ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से मुलाकात तय है। इरना ने इन वार्ताओं को “महत्वपूर्ण” बताया, लेकिन लारिजानी कौन-सा संदेश लेकर जाएंगे, इस पर कोई विवरण नहीं दिया।

ईरान और अमेरिका ने पिछले सप्ताह ओमान में नई परमाणु वार्ताएं की थीं। विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने रविवार को तेहरान में एक शिखर सम्मेलन के दौरान राजनयिकों से बात करते हुए संकेत दिया कि ईरान अपने इस रुख पर कायम रहेगा कि उसे यूरेनियम संवर्धन का अधिकार होना चाहिए। यह मुद्दा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बड़ा विवाद का विषय है, जिन्होंने जून में 12 दिनों के ईरान-इज़रायल युद्ध के दौरान ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी कराई थी। उस युद्ध के कारण वॉशिंगटन और तेहरान के बीच पहले से चल रही परमाणु वार्ताएं बाधित हो गई थीं।

इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस सप्ताह वॉशिंगटन की यात्रा करने वाले हैं, और उनके कार्यालय के अनुसार ईरान इस चर्चा का प्रमुख विषय होगा।

अमेरिका ने विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन, युद्धपोतों और लड़ाकू विमानों को मध्य-पूर्व में तैनात किया है, ताकि ईरान पर समझौते का दबाव बनाया जा सके और यदि ट्रंप ऐसा निर्णय लें तो ईरान पर हमला करने की सैन्य क्षमता भी मौजूद रहे। इससे पहले, अमेरिकी बलों ने एक ड्रोन को मार गिराया था, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि वह लिंकन के बहुत करीब आ गया था। साथ ही, अमेरिकी बलों ने एक अमेरिकी ध्वज वाले जहाज की मदद की, जिसे ईरानी बलों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में रोकने की कोशिश की थी। यह फारस की खाड़ी का संकरा प्रवेश द्वार है।

अमेरिकी परिवहन विभाग के समुद्री प्रशासन ने सोमवार को जलडमरूमध्य में अमेरिकी जहाजों के लिए एक नई चेतावनी जारी की, जिसमें कहा गया कि वे “नौवहन सुरक्षा से समझौता किए बिना ईरान के क्षेत्रीय जल से यथासंभव दूर रहें।” इस जलडमरूमध्य से होकर विश्व में कारोबार होने वाले कुल तेल का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। यह क्षेत्र ईरान और ओमान के क्षेत्रीय जल में आता है, और फारस की खाड़ी में जाने वाले जहाजों को ईरानी जल से होकर गुजरना पड़ता है। (एपी) एएमएस

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