
कोलकाता, 10 फरवरी (पीटीआई) पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची 21 फरवरी से पहले प्रकाशित नहीं की जाएगी, जबकि इसे इस महीने के अंत तक जारी करने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह जानकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल ने दी।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को विशेष सघन पुनरीक्षण के दौरान प्रभावित व्यक्तियों द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की जांच की समयसीमा को 14 फरवरी के बाद एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया था, क्योंकि इस प्रक्रिया में समय लगने की संभावना है। यह प्रक्रिया निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को उचित निर्णय लेने में सहायता के लिए है।
मीडिया को जानकारी देते हुए अग्रवाल ने कहा, “अंतिम मतदाता सूची 21 फरवरी से पहले प्रकाशित नहीं की जाएगी। हम इसे 28 फरवरी तक प्रकाशित करने का प्रयास करेंगे।”
पुनरीक्षण प्रक्रिया पर अपडेट देते हुए उन्होंने बताया कि लगभग 1.39 करोड़ मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि करीब 1.06 करोड़ मामलों में दस्तावेज अपलोड किए जा चुके हैं।
अग्रवाल ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने चुनाव संबंधी ड्यूटी के लिए 8,505 ग्रुप-बी अधिकारियों के नाम उपलब्ध कराए हैं।
उन्होंने कहा, “वे कल से कार्यभार संभालेंगे। दो दिन के प्रशिक्षण के बाद नए माइक्रो-ऑब्जर्वरों को पांच से सात दिनों के भीतर उनके लॉग-इन क्रेडेंशियल्स मिल जाएंगे।”
शिकायत निवारण पर सीईओ ने कहा, “अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद यदि किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं होता है, तो वे पांच दिनों के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारी के पास आवेदन कर सकते हैं। यदि डीईओ आवेदन का निपटारा नहीं करता है, तो मतदाता अगले पांच दिनों के भीतर राज्य के सीईओ से संपर्क कर सकते हैं।” पीटीआई एससीएच एनएन बीडीसी
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़
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