भारत ने रूसी ऊर्जा खरीद कम करना शुरू किया: यूएसटीआर

Jamieson Greer

न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन, 11 फरवरी (पीटीआई) संयुक्त राज्य व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जैमीसन ग्रीर ने मंगलवार को कहा कि भारत ने पहले ही रूसी तेल की अपनी खरीद “कम करना” शुरू कर दिया है और नई दिल्ली अमेरिका तथा अन्य स्रोतों से ऊर्जा की खरीद “फिर से बढ़ा” रही है।

पिछले सप्ताह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बातचीत में भारत और अमेरिका ने पारस्परिक व्यापार पर एक अंतरिम समझौते के लिए एक ढांचा तय किया और व्यापक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर बातचीत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की।

ट्रंप ने भारत से आयात पर लगाए गए दंडात्मक 25 प्रतिशत शुल्क को हटाने पर भी सहमति जताई, जो “रूसी तेल की खरीद रोकने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की मान्यता” के रूप में था।

फॉक्स बिजनेस को दिए एक साक्षात्कार में जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत वास्तव में रूसी तेल की खरीद से दूर जाएगा, तो ग्रीर ने कहा: “संक्षिप्त उत्तर है—हां। उन्होंने पहले ही रूसी ऊर्जा उत्पादों की अपनी खरीद कम करना शुरू कर दिया है। उन्होंने अमेरिकी ऊर्जा और अन्य स्रोतों से ऊर्जा की खरीद फिर से बढ़ाना शुरू कर दिया है।”

ग्रीर ने कहा कि अमेरिका ने भारत से वेनेजुएला से तेल खरीद पर भी बातचीत की है और जोड़ा कि 2022 में रूस के यूक्रेन पर आक्रमण से पहले “भारतीय वास्तव में रूसी तेल की खरीद नहीं करते थे। यह वास्तव में रूस-यूक्रेन युद्ध और रियायती तेल का परिणाम है जो उन्हें मिल सकता था।” उन्होंने कहा कि भारत रूस से तेल परिष्कृत कर उसे यूरोपियों को बेच रहा था।

उन्होंने कहा, “मेरा मतलब है, यूरोप और भारत मूल रूप से यूक्रेन में रूस के युद्ध का वित्तपोषण कर रहे थे।”

उन्होंने कहा कि भारत “वास्तव में प्रतिबद्ध है। उन्होंने खरीद के संबंध में अपनी कुछ प्रतिबद्धताओं का विस्तार करना पहले ही शुरू कर दिया है।”

ग्रीर ने कहा कि भारत ने कुछ डिजिटल सेवा करों को हटाया है और शुल्क कम कर रहा है। उन्होंने जोड़ा, “यह एक बेहद महत्वपूर्ण समझौता होने जा रहा है, और इसके प्रभाव आने वाले कई वर्षों तक महसूस किए जाएंगे।”

जब उनसे चीन को लेकर कॉर्पोरेट अमेरिका की चिंताओं और विनिर्माण के संदर्भ में विकल्प तलाशने के बारे में पूछा गया, और यह कि क्या भारत चीन से बाहर लाई जा रही आपूर्ति शृंखलाओं के लिए आधार प्रदान कर सकता है।

ग्रीर ने कहा, “वहां उनके पास बड़ी आबादी है। उनके पास विनिर्माण क्षमता है। बेशक, हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि अमेरिकी विनिर्माण सर्वोपरि रहे। अमेरिकी श्रमिक पहले हों, लेकिन निश्चित रूप से, जहां तक हम अन्य देशों से आयात करने की बात करते हैं, भारत एक अच्छा स्रोत हो सकता है, बशर्ते यह संतुलित और निष्पक्ष हो।”

समझौते के तहत, भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और अमेरिकी खाद्य तथा कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त या कम करेगा, जिनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताजे और प्रसंस्कृत फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स तथा अन्य उत्पाद शामिल हैं। पीटीआई वाईएएस आरडी आरडी आरडी

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