
मुंबई, 11 फरवरी (पीटीआई)। कड़ा संघर्ष करने के बावजूद मंजिल तक नहीं पहुंच पा रही नेपाल की टीम गुरुवार को यहां ग्रुप-सी मुकाबले में टूर्नामेंट में पदार्पण कर रही इटली के खिलाफ जीत का सूखा खत्म करने के इरादे से उतरेगी।
12 साल पहले इस प्रतियोगिता में पदार्पण करने वाले नेपाल ने 2014 संस्करण में हांगकांग और अफगानिस्तान को हराकर दो जीत दर्ज की थीं, लेकिन उसके बाद से टीम जीत के लिए तरस रही है।
दिलचस्प बात यह है कि नेपाल तीन मौकों पर टेस्ट खेलने वाले देशों को हराने के बेहद करीब पहुंचा, लेकिन हर बार नतीजा उसके खिलाफ गया। 2024 में उसे दक्षिण अफ्रीका से एक रन और बांग्लादेश से 21 रन से हार मिली।
हालांकि पिछले रविवार वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ चार रन से मिली करीबी हार ने नेपाल को सुर्खियों में ला दिया और नेपाली क्रिकेटरों को लेकर चर्चा तेज कर दी।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सीमित अनुभव के बावजूद नेपाल ने सबसे कठिन प्रारूपों में से एक में जबरदस्त जुझारूपन दिखाया है। 10 साल के अंतराल के बाद टी20 विश्व कप खेलने उतरी नेपाल की टीम ने दो बार की विश्व चैंपियन इंग्लैंड को मैदान पर लगभग हर विभाग में कड़ी टक्कर दी और बड़े मंच पर अपना हौसला दिखाया।
ना तो वे मंच की भव्यता से दबे और ना ही अपेक्षाओं के बोझ से। वानखेड़े स्टेडियम में मौजूद 17,008 दर्शकों ने ‘राइनोज़’ के समर्थन में जोरदार शोर मचाया, जो आमतौर पर यहां घरेलू टीम के खेलने पर सुनाई देता है।
कुशल भुर्तेल नेपाल के शीर्ष क्रम में आक्रामक शुरुआत देने में सक्षम हैं, जबकि दीपेंद्र सिंह ऐरी, कप्तान रोहित पौडेल और आरिफ शेख से सुसज्जित मध्यक्रम टीम को मजबूत बल्लेबाजी शक्ति देता है। लोकेश बम ने इंग्लैंड के खिलाफ अपने आक्रामक शॉट्स से बड़ा उलटफेर करने का संकेत दिया था, जिससे जोफ्रा आर्चर और आदिल राशिद जैसे गेंदबाज भी चकित रह गए, जबकि करन केसी ने अपेक्षाकृत शांत भूमिका निभाई।
हालांकि कुछ चिंताएं भी हैं जिन्हें नेपाल आगे सुधारना चाहेगा। इंग्लैंड के खिलाफ बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए मध्य ओवरों में पर्याप्त चौके नहीं आए और विकेटों के बीच दौड़ में भी सुधार की जरूरत है। गेंदबाजी में अधिकांश समय अनुशासन बनाए रखने के बावजूद डेथ ओवरों में ज्यादा रन लुटाना महंगा साबित हुआ।
दूसरी ओर, इटली अपनी टूर्नामेंट की शुरुआत में स्कॉटलैंड से 73 रन की करारी हार को भुलाकर नई शुरुआत करना चाहेगा। टीम के कप्तान वेन मैडसन पहले ही मैच में कंधा खिसकने की चोट का शिकार हो गए थे और संभवतः हैरी मनेन्ती टीम की अगुवाई करेंगे।
इटली ने सात अलग-अलग गेंदबाजी विकल्प आजमाए, लेकिन 208 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा। छह बल्लेबाज एकल अंक में आउट हुए, जिनमें तीन शून्य पर लौटे। बेन मनेन्ती का अर्धशतक और हैरी की कुछ बड़े शॉट्स ही टीम के लिए सकारात्मक पहलू रहे।
टीमें (संभावित):
नेपाल: रोहित पौडेल (कप्तान), आरिफ शेख, आसिफ शेख (विकेटकीपर), दीपेंद्र सिंह ऐरी, बसीर अहमद, कुशल भुर्तेल, संदीप जोरा, लोकेश बम, गुलशन झा, करन केसी, सोमपाल कामी, संदीप लामिछाने, शेर मल्ला, ललित राजबंशी, नंदन यादव।
इटली: वेन मैडसन (कप्तान), मार्कस कैंपोपीआनो, जियान-पिएरो मीड (विकेटकीपर), एंथनी मोस्का, जस्टिन मोस्का, सैयद नकवी, हैरी मनेन्ती, जे जे स्मट्स, ग्रांट स्टीवर्ट, अली हसन, थॉमस ड्राका, जसप्रीत सिंह, क्रिशन कालुगामगे, बेन मनेन्ती, जैन अली।
मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 3:00 बजे शुरू होगा।
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