
मॉस्को, 11 फरवरी (पीटीआई) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को छोड़कर किसी और ने यह घोषणा नहीं की है कि भारत रूसी तेल खरीदना बंद करेगा। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बुधवार को देश की संसद में यह बात कही।
लावरोव की यह टिप्पणी रूस द्वारा अमेरिका पर भारत और अन्य देशों को रूसी तेल खरीदने से रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाने के दो दिन बाद आई है। रूस ने कहा था कि वाशिंगटन टैरिफ, प्रतिबंध और सीधे निषेध सहित कई “दबावपूर्ण” उपायों का इस्तेमाल कर रहा है।
बुधवार को स्टेट ड्यूमा (निचला सदन) में एक सांसद के सवाल का जवाब देते हुए लावरोव ने कहा, “आपने उल्लेख किया कि डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि भारत ने रूसी तेल खरीदना बंद करने पर सहमति दे दी है। मैंने ऐसा बयान किसी और से नहीं सुना है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी और अन्य भारतीय नेता भी शामिल हैं।”
लावरोव ने कहा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में ब्रिक्स शेरपा की पहली बैठक में भारत की अध्यक्षता की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा था कि ऊर्जा सुरक्षा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के शीर्ष मुद्दों में से एक होगी, जिसमें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शामिल होने की उम्मीद है।
स्टेट ड्यूमा के ‘गवर्नमेंट आवर’ के दौरान, जहां कैबिनेट मंत्री अपने मंत्रालयों के कामकाज की रिपोर्ट पेश करते हैं, लावरोव ने कहा कि दिसंबर 2025 में राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा ने मॉस्को और नई दिल्ली के संबंधों को और मजबूत किया।
उन्होंने जोर देकर कहा, “विशेष रूप से, पिछले दिसंबर राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के दौरान संयुक्त दस्तावेजों का एक महत्वपूर्ण पैकेज हस्ताक्षरित किया गया। इस यात्रा ने रूस-भारत संबंधों को समृद्ध किया और एक विशेष, विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ किया।”
लावरोव ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं की एक नई बैठक इस वर्ष भारत की अध्यक्षता में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि रूस भारत के साथ संबंधों को उतनी ही दूर तक ले जाने के लिए तैयार है, जितनी नई दिल्ली चाहे — “आसमान ही सीमा है।”
भारत ने 1 जनवरी 2026 से औपचारिक रूप से ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली है। यह 10 सदस्यीय समूह ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ पांच नए सदस्यों को शामिल करता है।
इससे पहले सोमवार को टीवी ब्रिक्स को दिए एक साक्षात्कार में लावरोव ने अमेरिका पर रूसी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाकर प्रतिस्पर्धियों को दबाने के लिए “अनुचित तरीकों” का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “(अमेरिका) हमारे प्रमुख रणनीतिक साझेदारों जैसे भारत और अन्य ब्रिक्स देशों के साथ हमारे व्यापार, निवेश सहयोग और सैन्य-तकनीकी संबंधों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है।”
पिछले सप्ताह भारत के साथ व्यापार समझौते की घोषणा करते हुए ट्रंप ने दावा किया था कि नई दिल्ली ने रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदने पर सहमति दी है।
एक कार्यकारी आदेश में ट्रंप ने अगस्त में रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ को वापस ले लिया।
सोमवार को विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत कच्चे तेल की खरीद के लिए अनेक स्रोत बनाए रखेगा और आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उनमें विविधता लाएगा। उन्होंने कहा कि खरीद के मामले में राष्ट्रीय हित ही “मार्गदर्शक सिद्धांत” रहेगा। PTI VS NPK NPK
