
वॉशिंगटन, 12 फरवरी (एपी) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से दो घंटे से अधिक समय तक बंद कमरे में मुलाकात की और कहा कि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका ईरान के साथ परमाणु समझौते के लिए वार्ता जारी रखे।
नेतन्याहू व्हाइट हाउस में पत्रकारों की नजरों से दूर पहुंचे और बिना कोई बयान दिए निकल गए। हालांकि, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बैठक को “बहुत अच्छी” बताया, लेकिन कहा कि “कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ, सिवाय इसके कि मैंने जोर दिया कि ईरान के साथ वार्ता जारी रहे ताकि देखा जा सके कि समझौता संभव है या नहीं।”
उन्होंने लिखा, “अगर संभव हुआ तो मैंने प्रधानमंत्री को बताया कि यही मेरी प्राथमिकता होगी। अगर नहीं, तो परिणाम देखना होगा।” उन्होंने जोड़ा, “पिछली बार ईरान ने समझौता नहीं किया और उसे अमेरिकी हमलों का सामना करना पड़ा। उम्मीद है इस बार वे अधिक जिम्मेदार होंगे।”
नेतन्याहू — जो ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में उनसे सातवीं बार मिले — ने कहा है कि ईरान से वार्ता में बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और हमास-हिज्बुल्लाह जैसे संगठनों के समर्थन को भी शामिल किया जाए।
ट्रंप ने फॉक्स बिजनेस नेटवर्क को दिए साक्षात्कार में कहा, “उन्हें समझौता करना चाहिए। हमने पिछली बार उनके परमाणु ढांचे को नष्ट किया था। इस बार भी जरूरत पड़ी तो करेंगे। समझौता अच्छा होना चाहिए— न परमाणु हथियार, न मिसाइलें।”
ईरान और अमेरिका ने हाल ही में ओमान में अप्रत्यक्ष वार्ता की है। पिछले जून में इज़राइल के साथ 12 दिन के युद्ध में ईरान में करीब 1,000 और इज़राइल में लगभग 40 लोगों की मौत हुई थी। उस दौरान अमेरिका ने ईरान के परमाणु स्थलों पर बमबारी की थी।
ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ने ईरान की परमाणु क्षमता “पूरी तरह नष्ट” कर दी, हालांकि नुकसान की वास्तविक सीमा स्पष्ट नहीं है। उपग्रह तस्वीरों में हाल में गतिविधि देखी गई है, जिससे चिंता बढ़ी है।
इज़राइल लंबे समय से ईरान से यूरेनियम संवर्धन रोकने, मिसाइल कार्यक्रम सीमित करने और उग्रवादी संगठनों से संबंध खत्म करने की मांग करता रहा है। ईरान इन मांगों को खारिज करता रहा है।
ट्रंप ने गाजा की स्थिति पर भी चर्चा की और अगले सप्ताह “बोर्ड ऑफ पीस” की पहली बैठक बुलाने की घोषणा की।
