
चंडीगढ़, 12 फरवरी (पीटीआई) हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने गुरुवार को कहा कि महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सिंघल ने यह टिप्पणी महिलाओं के खिलाफ अपराधों की रोकथाम और लंबित मामलों के निपटान की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य बलात्कार और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समयबद्ध जांच सुनिश्चित करना तथा गृह मंत्रालय के ‘इन्वेस्टिगेशन ट्रैकिंग सिस्टम फॉर सेक्सुअल ऑफेंसेज’ (ITSSO) पोर्टल पर लंबित शिकायतों के त्वरित निपटान के लिए रणनीति तैयार करना था।
बैठक में 13 जिलों के नोडल अधिकारियों और महिला थानों के थाना प्रभारियों (SHO) ने भाग लिया। राज्य पुलिस मुख्यालय, पंचकूला में आयोजित इस बैठक में अतिरिक्त डीजीपी सी.एस. राव और पुलिस अधीक्षक नूपुर बिश्नोई भी उपस्थित थीं।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सिंघल ने स्पष्ट कहा कि हरियाणा पुलिस के लिए महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि बलात्कार और पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज सभी मामलों की जांच 60 दिनों के भीतर पूरी की जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और न्याय प्रणाली में उनका विश्वास मजबूत हो।
बैठक के दौरान जिला-वार निपटान दर की विस्तृत समीक्षा की गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों की सराहना की गई और उन्हें अपने कार्य में निरंतरता बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जबकि कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को लंबित मामलों के शीघ्र निपटान के लिए विशेष प्रयास करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
डीजीपी ने कहा कि आईटीएसएसओ पोर्टल की नियमित निगरानी पुलिस मुख्यालय स्तर पर की जा रही है और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने राव और बिश्नोई को हर 15 दिन में मामलों की प्रगति की समीक्षा करने और आवश्यक सुधारात्मक कदम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान बिश्नोई ने जिलों में आईटीएसएसओ पोर्टल पर लंबित शिकायतों की स्थिति, प्रगति और चुनौतियों पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। बताया गया कि हाल के दिनों में कई जिलों ने उल्लेखनीय सुधार दिखाया है।
डीजीपी ने निर्देश दिया कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों द्वारा अपनाई गई सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को अन्य जिलों में भी लागू किया जाए, ताकि राज्य स्तर पर समग्र सुधार हासिल किया जा सके।
आईटीएसएसओ पोर्टल गृह मंत्रालय द्वारा संचालित एक डिजिटल मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म है, जो बलात्कार, पॉक्सो अधिनियम तथा महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों की प्रगति पर नजर रखता है।
यह पोर्टल जांच, गिरफ्तारी, आरोप पत्र दाखिल करने, ट्रायल और मामलों के निपटान से संबंधित रियल-टाइम डेटा उपलब्ध कराता है।
पुलिस के अनुसार, यह पोर्टल पारदर्शिता बढ़ाता है, जवाबदेही सुनिश्चित करता है और लंबित मामलों के शीघ्र निपटान में सहायक साबित हो रहा है। नियमित राज्य और जिला स्तरीय समीक्षा के माध्यम से यह महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। PTI SUN APL APL
