
वेस्ट पाम बीच, 16 फरवरी (एपी) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि उनके द्वारा नवगठित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के सदस्यों ने युद्धग्रस्त गाजा के पुनर्निर्माण के लिए 5 अरब अमेरिकी डॉलर देने का वादा किया है और वे क्षेत्र के लिए अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण और पुलिस बलों में हजारों कर्मियों को तैनात करने की प्रतिबद्धता भी जताएंगे।
उन्होंने कहा कि इन प्रतिबद्धताओं की औपचारिक घोषणा गुरुवार को वाशिंगटन में बोर्ड की पहली बैठक के दौरान की जाएगी।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “बोर्ड ऑफ पीस इतिहास की सबसे प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय संस्था साबित होगा और इसका अध्यक्ष होना मेरे लिए सम्मान की बात है।”
उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि कौन-कौन से सदस्य देश पुनर्निर्माण के लिए धन देंगे या स्थिरीकरण बल में कर्मी भेजेंगे। हालांकि, इंडोनेशिया की सेना ने रविवार को कहा कि उसके 8,000 तक सैनिक जून के अंत तक गाजा में संभावित मानवीय और शांति मिशन के तहत तैनाती के लिए तैयार रहेंगे। यह रिपब्लिकन राष्ट्रपति को मिला पहला ठोस आश्वासन है।
फिलिस्तीनी क्षेत्र का पुनर्निर्माण एक कठिन कार्य होगा। संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक और यूरोपीय संघ का अनुमान है कि क्षेत्र के पुनर्निर्माण पर 70 अरब अमेरिकी डॉलर खर्च होंगे। दो वर्षों से अधिक समय तक चली इजरायली बमबारी से गाजा पट्टी में बहुत कम स्थान अछूते बचे हैं।
युद्धविराम समझौते में एक सशस्त्र अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की व्यवस्था का आह्वान किया गया है, जो सुरक्षा बनाए रखे और उग्रवादी समूह हमास के निरस्त्रीकरण को सुनिश्चित करे, जो इजरायल की प्रमुख मांग है। अब तक बहुत कम देशों ने प्रस्तावित बल में भाग लेने में रुचि दिखाई है।
10 अक्टूबर को अमेरिका की मध्यस्थता से हुआ युद्धविराम समझौता इजरायल और हमास के बीच दो वर्षों से अधिक समय से चल रहे युद्ध को रोकने का प्रयास था। हालांकि भारी लड़ाई कम हो गई है, इजरायली बलों ने बार-बार हवाई हमले किए हैं और सैन्य-नियंत्रित क्षेत्रों के पास फिलिस्तीनियों पर अक्सर गोलीबारी की है।
यह स्पष्ट नहीं है कि ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के 20 से अधिक सदस्यों में से कितने पहली बैठक में शामिल होंगे। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, जिन्होंने पिछले सप्ताह ट्रंप के साथ व्हाइट हाउस में वार्ता की थी, के वहां उपस्थित रहने की संभावना नहीं है।
ट्रंप का नया बोर्ड शुरुआत में गाजा में इजरायल-हमास युद्ध को समाप्त करने पर केंद्रित एक तंत्र के रूप में देखा गया था। लेकिन अब यह वैश्विक संकटों के समाधान के व्यापक जनादेश के साथ आकार ले रहा है और ऐसा प्रतीत होता है कि यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को पुनर्स्थापित करने की ट्रंप की कोशिशों के तहत संयुक्त राष्ट्र को दरकिनार करने का नवीनतम अमेरिकी प्रयास है।
यूरोप और अन्य स्थानों में अमेरिका के कई प्रमुख सहयोगियों ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया है, क्योंकि उन्हें संदेह है कि यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का विकल्प बनाने का प्रयास हो सकता है।
ट्रंप ने यह भी पुष्टि की कि गुरुवार की बैठक अमेरिकी शांति संस्थान में होगी, जिसे विदेश विभाग ने दिसंबर में ‘डोनाल्ड जे. ट्रंप यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस’ के रूप में जारी रखने की घोषणा की थी।
यह इमारत उस मुकदमे का विषय है, जो गैर-लाभकारी थिंक टैंक के पूर्व कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा दायर किया गया था, जब रिपब्लिकन प्रशासन ने पिछले वर्ष इस सुविधा को अपने नियंत्रण में लेकर लगभग सभी कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था। (एपी) जीएसपी
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़
SEO टैग्स: #स्वदेशी, #न्यूज़, ट्रंप ने कहा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पहली बैठक में गाजा पुनर्निर्माण के लिए 5 अरब डॉलर की प्रतिबद्धताओं का करेगा खुलासा
