
अमरावती, 16 फरवरी (पीटीआई) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को यहां माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स को राज्य सरकार की कई पहलों की जानकारी दी, जिनमें व्हाट्सएप गवर्नेंस, संजीवनी परियोजना, ग्रीनफील्ड राजधानी अमरावती, डेटा लेक और अन्य योजनाएं शामिल हैं।
राज्य सचिवालय में रियल टाइम गवर्नेंस सिस्टम (RTGS) पर प्रस्तुति देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य ने सभी विभागों को डेटा लेक के माध्यम से एकीकृत किया है।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि गेट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष बिल गेट्स ने मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के साथ सचिवालय में आरटीजीएस का दौरा किया और शासन में प्रौद्योगिकी के उपयोग का अवलोकन किया। नायडू ने बताया कि नागरिक सेवाएं तेजी से कैसे प्रदान की जा रही हैं और रियल टाइम गवर्नेंस के जरिए क्या परिणाम हासिल हुए हैं।
नायडू ने बताया कि सरकार ‘अवेयर 2.0’ प्लेटफॉर्म के जरिए वास्तविक समय में जानकारी एकत्र कर त्वरित निर्णय ले रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों पर जनता की राय एकत्र करती है तथा प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर जीएसडीपी वृद्धि का नियमित आकलन किया जाता है।
जब गेट्स ने पूछा कि संपत्ति अभिलेखों की सुरक्षा कैसे की जा रही है, तो नायडू ने बताया कि भूमि अभिलेखों की सुरक्षा के लिए ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है और पारदर्शिता के लिए क्यूआर कोड भी जोड़े गए हैं।
विज्ञप्ति के अनुसार, गेट्स ने कर संग्रह प्रणाली को “बेहतरीन” बताया, जिस पर नायडू ने कहा कि जीएसटी के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर कर संग्रह “तेजी से” बढ़ा है।
गेट्स ने चित्तूर जिले के कुप्पम में गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से चल रही स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटलीकरण परियोजना ‘संजीवनी’ के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने यह भी देखा कि रक्त शर्करा, मधुमेह और अन्य चिकित्सा परीक्षणों के आंकड़े कैसे दर्ज किए जा रहे हैं और परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन की सराहना की।
नायडू ने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग से सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो रहा है। गेट्स ने बायो-डिजाइन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की आपूर्ति के बारे में भी पूछा और कहा कि सस्ते डायग्नोस्टिक परीक्षणों से गरीबों को लाभ होगा।
गेट्स ने अमरावती के बारे में भी जानकारी ली, जिस पर नायडू ने ग्रीनफील्ड राजधानी के निर्माण की प्रगति प्रस्तुत की।
बाद में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में नायडू ने कहा, “तकनीक मानवता की सेवा करे। हमारा रियल टाइम गवर्नेंस सिस्टम आंध्र प्रदेश में जीवन बदल रहा है—शासन में तेजी और व्यापार में सुगमता प्रदान कर रहा है। 1990 के दशक में श्री बिल गेट्स से हुई मुलाकात ने मुझे प्रेरित किया। आज हमारे आरटीजीएस केंद्र और शिक्षा, कृषि व स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रमुख पहलों को दिखाकर खुशी हुई।”
इससे पहले गेट्स सचिवालय पहुंचे, जहां उनका स्वागत नायडू ने किया। मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिपरिषद के सदस्यों से परिचय कराया। इसके बाद आईटी मंत्री नारा लोकेश, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत हुई।
नायडू ने ‘एक्स’ पर लिखा, “वेलकम बैक, मिस्टर बिल गेट्स! एपी में आपका स्वागत है।”
गेट्स का स्वागत गन्नावरम हवाईअड्डे पर नारा लोकेश और वरिष्ठ मंत्रियों ने किया। लोकेश ने कहा कि आंध्र प्रदेश सार्वजनिक कल्याण के लिए स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और प्रौद्योगिकी आधारित शासन में गेट्स फाउंडेशन के साथ मिलकर काम करने को उत्सुक है।
मुख्यमंत्री ने गेट्स से राज्यभर में स्वास्थ्य पहलों के विस्तार का अनुरोध किया और वार्ता में एआई पर भी चर्चा होगी।
गेट्स फाउंडेशन पहले से ही कुप्पम में स्वास्थ्य परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है और इन पहलों को पूरे राज्य में विस्तार देने पर चर्चा होने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री गेट्स को “स्वर्ण आंध्र 2047” विजन पर भी प्रस्तुति देंगे।
बैठक के बाद गेट्स अमरावती के उंडावल्ली गांव के एक फार्म पर जाएंगे, जहां वे ड्रोन और एआई तकनीक के उपयोग को देखेंगे।
गेट्स पहले भी अविभाजित आंध्र प्रदेश का दो बार दौरा कर चुके हैं। यह यात्रा मुख्यमंत्री नायडू के निमंत्रण पर सहयोग को और गहरा करने के उद्देश्य से हो रही है।
