
नई दिल्ली, 16 फरवरी (पीटीआई) — भारत के करण सिंह को 2026 दिल्ली ओपन के मुख्य ड्रॉ के पहले दौर में पोलैंड के सातवीं वरीयता प्राप्त डेनियल मिखाल्स्की के खिलाफ तीन सेटों के कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।
एटीपी चैलेंजर 75 टूर्नामेंट का यह छठा संस्करण 16 से 22 फरवरी तक डीएलटीए कॉम्प्लेक्स में आयोजित हो रहा है, जिसमें पुरुष एकल वर्ग में 32 खिलाड़ी और युगल में 16 टीमें खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।
अन्य पहले दौर के मुकाबलों में ग्रेट ब्रिटेन के पांचवीं वरीयता प्राप्त ओलिवर क्रॉफर्ड ने क्रोएशिया के ड्यूजे अज्दुकोविच को 7-6, 6-5 से हराया, जबकि बेल्जियम के माइकल गीर्ट्स ने लिथुआनिया के एडास बुटविलास को 6-3, 7-5 से पराजित किया।
सोमवार को क्वालीफाइंग के अंतिम दौर में भारत के मनीष सुरेशकुमार ने दूसरे सेट में 3-5 से पीछे होने के बाद शानदार वापसी करते हुए कोरिया के उइसुंग पार्क को 6-3, 7-5 से हराकर मुख्य ड्रॉ में जगह बनाई।
26 वर्षीय सुरेशकुमार क्वालीफाइंग ड्रॉ से मुख्य ड्रॉ में पहुंचने वाले एकमात्र भारतीय हैं। उन्होंने कहा कि यह कोर्ट उनके पसंदीदा कोर्टों में से एक है।
उन्होंने कहा, “यह मेरे पसंदीदा कोर्टों में से एक है क्योंकि मैंने यहां कई मैच खेले हैं। मैंने अपने दोनों नेशनल खिताब भी इसी कोर्ट पर जीते हैं। यह कोर्ट मेरे लिए बहुत खास है और आज जिस तरह मैंने खेला उससे मैं बहुत खुश हूं। दूसरे सेट में मैं एक ब्रेक से पीछे था, लेकिन डटा रहा और मैच जीतकर बेहद खुश हूं।”
सुरेशकुमार को आखिरी समय में ‘ऑल्टरनेट’ के रूप में क्वालीफाइंग ड्रॉ में मौका मिला था, लेकिन वह इस अवसर का भरपूर फायदा उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “कभी-कभी जब आप उम्मीद नहीं करते तब चीजें हो जाती हैं। मैं मुख्य ड्रॉ में भी यही लय बनाए रखना चाहता हूं। मुझ पर कोई दबाव नहीं है क्योंकि सभी खिलाड़ी बहुत अच्छे हैं। मैं अंडरडॉग हूं, इसलिए बस अपनी गति जारी रखना चाहता हूं।”
क्वालीफाइंग के अंतिम दौर में पहुंचे एक अन्य भारतीय रामकुमार रामनाथन को कोरिया के ह्योन चुंग ने सीधे सेटों में हरा दिया। चुंग की विश्व रैंकिंग कभी 19वीं रही है और उन्होंने 2018 ऑस्ट्रेलियन ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचने के रास्ते में नोवाक जोकोविच को भी हराया था।
29 वर्षीय रामकुमार 2024 के अंत में लगातार पीठ की चोटों के बाद टूर में वापसी के बाद वर्तमान में विश्व रैंकिंग में 393वें स्थान पर हैं।
कजाखस्तान के शीर्ष वरीयता प्राप्त डेनिस येवसेयेव, ग्रीस के दूसरी वरीयता प्राप्त इओनिस ज़िलास, पोलैंड के चौथी वरीयता प्राप्त माक्स कास्निकोव्स्की और इटली के सातवीं वरीयता प्राप्त अलेक्जेंडर बिंडा ने भी क्वालीफाइंग के अंतिम दौर के मुकाबले जीतकर मुख्य ड्रॉ में प्रवेश किया।
टूर्नामेंट के इतिहास में सोमदेव देववर्मन एकमात्र भारतीय एकल चैंपियन हैं, जिन्होंने 2014 और 2015 में लगातार खिताब जीते थे। वहीं युगल वर्ग में दो बार भारतीय जोड़ी चैंपियन बनी है — 2015 में साकेत म्यनेनी/सनम सिंह और 2016 में युकी भांबरी/महेश भूपति ने खिताब जीता था।
एटीपी चैलेंजर 75 श्रृंखला के तहत इस टूर्नामेंट में एकल और युगल चैंपियन को 75 रैंकिंग अंक मिलेंगे, जबकि युगल उपविजेता को 50 और एकल उपविजेता को 44 अंक मिलेंगे।
एकल चैंपियन को 17,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी, जबकि उपविजेता को 9,600 डॉलर मिलेंगे। युगल चैंपियन जोड़ी 4,980 डॉलर साझा करेगी और उपविजेता जोड़ी 2,880 डॉलर प्राप्त करेगी। (पीटीआई)
