COP30 के उद्देश्य मुंबई क्लाइमेट वीक पहल के अनुरूप: यूएनएफसीसी अधिकारी

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image received on Nov. 23, 2025, Prime Minister Narendra Modi with South African President Cyril Ramaphosa, center, and Brazilian President Luiz Inacio Lula da Silva, right, during IBSA Leaders' meeting, on the sidelines of the G20 Summit, in Johannesburg, South Africa. (PMO via PTI Photo)(PTI11_23_2025_000204B)

मुंबई, 18 फरवरी (पीटीआई) United Nations Framework Convention on Climate Change (यूएनएफसीसीसी) के तहत आयोजित COP30 के एक अधिकारी ने कहा कि सम्मेलन के कुछ प्रमुख उद्देश्य Mumbai Climate Week (एमसीडब्ल्यू) के अनुरूप हैं। इनमें जलवायु एजेंडा को लोगों, विशेषकर सबसे कमजोर वर्गों से जोड़ने और सभी हितधारकों की भागीदारी से जलवायु-कार्रवाई समझौतों को तेज़ करने के विचार शामिल हैं।

मुंबई क्लाइमेट वीक में पीटीआई वीडियो को दिए साक्षात्कार में COP30 प्रेसिडेंसी के चीफ स्ट्रैटेजी एंड अलाइनमेंट ऑफिसर तुलियो आंद्रादे ने कहा कि उद्घाटन सत्र में यह मजबूत संदेश दिया गया कि जलवायु परिवर्तन की दिशा में बदलाव न केवल स्थायी है, बल्कि भविष्य की एक निर्णायक प्रवृत्ति भी है — यही दृष्टिकोण COP30 में भी दिखाई देता है।

आंद्रादे ने कहा, “COP30 के दो उद्देश्य मुंबई क्लाइमेट वीक से मेल खाते हैं। पहला, जलवायु एजेंडा को लोगों, विशेषकर सबसे कमजोर वर्गों से जोड़ना ताकि गरीबी और भूख से मुकाबला किया जा सके। दूसरा, व्यवसायों, निजी क्षेत्र, वित्तीय केंद्रों और अन्य हितधारकों की भागीदारी से जलवायु-कार्रवाई समझौतों में तेजी लाना।”

17 से 19 फरवरी तक आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम एमसीडब्ल्यू का उद्देश्य ग्लोबल साउथ क्षेत्र और उसकी अर्थव्यवस्थाओं पर केंद्रित जलवायु समाधान तलाशना है।

ब्राजील के राष्ट्रपति Luiz Inácio Lula da Silva की एआई शिखर सम्मेलन के बाद भारत यात्रा पर बोलते हुए आंद्रादे ने कहा कि जलवायु और डिजिटल परिवर्तन को “एकल क्रांति” में जोड़ने संबंधी घोषणाएं की जा सकती हैं।

उन्होंने कहा, “दोनों देशों ने COP30 में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लक्ष्य जलवायु कार्रवाई को तेज करना है, जिसमें डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई का उपयोग शामिल है, ताकि जमीनी स्तर तक प्रभाव पहुंचे। हमें उम्मीद है कि जलवायु और डिजिटल परिवर्तन को एक साथ जोड़ने की घोषणा होगी।”

ब्राजील के विदेश मंत्रालय में जलवायु वार्ता प्रमुख रह चुके आंद्रादे ने कहा कि टिकाऊ जैव ईंधन (सस्टेनेबल बायोफ्यूल) एजेंडा भारत और ब्राजील के बीच एक अहम कड़ी है, जो जीवाश्म ईंधन से दूर जाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

संयुक्त प्रयासों की चुनौतियों पर उन्होंने कहा कि खाद्य और ऊर्जा उत्पादन के बीच कथित टकराव तथा जैव ईंधन के अस्थिर होने की गलत धारणा प्रमुख बाधाएं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्राजील में जैव ईंधन परिवहन का प्रमुख साधन है और अधिकतर चुनौती जागरूकता बढ़ाने से जुड़ी है।

COP30 की ग्लोबल क्लाइमेट एक्शन एजेंडा समन्वयक ब्रूना सेरकेइरा ने कहा कि COP30 में “निर्णायक बदलाव” हुआ है, जिसमें एक्शन एजेंडा को छह विषयगत स्तंभों में पुनर्गठित किया गया है, जो पहले ग्लोबल स्टॉकटेक के निष्कर्षों से निर्देशित हैं। अब प्राथमिकता इस ढांचे को क्लाइमेट वीक और अन्य मंचों में लागू करने की है।

उन्होंने कहा, “हमें यह देखकर खुशी है कि कागज़ी प्रतिबद्धताओं से आगे बढ़कर ज़मीनी कार्रवाई पर ध्यान दिया जा रहा है। हम यहां की गतिविधियों को वैश्विक आंदोलन से जोड़ने के लिए उत्साहित हैं।”

COP30 प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, मुंबई क्लाइमेट वीक COP31 की दिशा में वैश्विक लामबंदी और क्रियान्वयन की गति बनाए रखने का अवसर प्रदान करता है।

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

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