
नई दिल्ली, 18 फरवरी (पीटीआई) केंद्रीय आईटी मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बुधवार को कहा कि भारत एआई के व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिनमें एंटरप्राइज उत्पादकता बढ़ाना और स्वास्थ्य, कृषि तथा जलवायु परिवर्तन जैसी जनसंख्या-स्तर की चुनौतियों के समाधान शामिल हैं।
India AI Impact Summit के दौरान आयोजित एक शोध संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मंत्री ने मंगलवार को हुए एआई एक्सपो में युवाओं की मजबूत भागीदारी और उनके उत्साह पर खुशी जताई।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी क्षेत्र में लगभग 2.5 लाख लोगों ने भाग लिया, जिनमें से अधिकांश की आयु 30 वर्ष से कम थी।
वैष्णव ने कहा, “जब मैंने युवा प्रतिभाओं से बातचीत की तो प्रतिक्रिया अद्भुत थी। मुझे यह देखकर सुखद आश्चर्य हुआ कि अधिकांश युवाओं ने अपने सामने आ रहे इस अवसर को लेकर कितना सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया।”
मंत्री ने कहा कि वह भारत और दुनिया के लिए एक बिल्कुल नए भविष्य को लेकर आशावान हैं।
उन्होंने कहा, “भारत में हम एआई को एज (edge) पर लागू करने, उपयोग-आधारित समाधानों, वास्तविक समस्याओं के समाधान, उद्यमों की उत्पादकता बढ़ाने और स्वास्थ्य, कृषि तथा जलवायु परिवर्तन जैसी जनसंख्या-स्तर की समस्याओं के समाधान पर केंद्रित हैं। यही वे क्षेत्र हैं जिन पर हम भारत में ध्यान दे रहे हैं और एआई समिट ऐसे अवसर प्रदान करता है।”
मंत्री ने संगोष्ठी में भाग लेने वालों से एआई को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस और व्यावहारिक सुझाव देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एआई एक उत्कृष्ट उपकरण है और इसका उपयोग मानव कल्याण के लिए होना चाहिए।
भारत एआई इम्पैक्ट समिट, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर देश के सबसे बड़े वैश्विक आयोजनों में से एक है, में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों ने भाग लिया है। नई दिल्ली में एआई नवाचार, शासन और वास्तविक अनुप्रयोगों पर व्यापक चर्चा हो रही है।
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़
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