
नई दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा)। दिल्ली सरकार ने ड्रोन नीति तैयार करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिसका उद्देश्य शहर को उड़ने वाली वस्तुओं के डिजाइन और निर्माण का केंद्र बनाना है।
सरकारी अधिकारी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभाग के सचिव की अध्यक्षता वाली समिति को आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों सहित अन्य विशेषज्ञ मदद करेंगे।
उन्होंने कहा कि समिति के सदस्यों के रूप में दिल्ली पुलिस का एक अधिकारी और गृह विभाग का एक विशेष सचिव है।
अधिकारी ने कहा कि वर्तमान में, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों की ड्रोन नीतियों का अध्ययन किया जा रहा है ताकि राष्ट्रीय राजधानी की जरूरतों के अनुकूल नीति के तौर-तरीकों पर निर्णय लिया जा सके, जहां सुरक्षा चिंताएं सर्वोपरि हैं।
दिल्ली की ड्रोन नीति इस बात पर ध्यान केंद्रित करेगी कि शहर को ड्रोन के अनुसंधान और विकास, डिजाइनिंग और निर्माण का केंद्र कैसे बनाया जाए। ड्रोन का उपयोग इसका सिर्फ एक हिस्सा होगा।
पिछले साल नवंबर में लाल किले के पास हुए विस्फोट के मद्देनजर, उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने मुख्य सचिव को तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर शहर के लिए ड्रोन नीति की संभावना की जांच करने का निर्देश दिया था।
रक्षा, सुरक्षा और निगरानी उद्देश्यों में ड्रोन के उपयोग के अलावा, हवाई सर्वेक्षण, मानचित्रण, कृषि, आपदा प्रबंधन और वितरण जैसे अन्य क्षेत्रों में भी भारी संभावनाएं मौजूद हैं। पीटीआई वीआईटी वीएन वीएन
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