
नई दिल्ली, 19 फरवरी (पीटीआई) — राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार को कीमती धातुओं की कीमतों में 7 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। चांदी 2.6 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि सोना 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर चढ़ गया। वैश्विक बाजार में मजबूती और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) परिसंपत्तियों की मांग बढ़ने से यह उछाल आया।
स्थानीय सर्राफा कारोबारियों के अनुसार, चांदी की कीमत 18,000 रुपये यानी 7.32 प्रतिशत बढ़कर 2,64,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) हो गई। बुधवार को इसका बंद भाव 2,46,000 रुपये प्रति किलोग्राम था।
99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना भी 1,950 रुपये यानी 1.24 प्रतिशत बढ़कर 1,58,650 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी कर सहित) हो गया। पिछले सत्र में यह 1,56,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट चांदी 1.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77.97 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी, जबकि सोना मामूली बढ़त के साथ 4,991.24 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक (कमोडिटीज) सौमिल गांधी ने कहा, “अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की अटकलों के कारण भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ गया है, जिससे सुरक्षित निवेश की मांग में नई लहर आई है और गुरुवार को सोने की कीमतें करीब 5,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गईं।”
उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन वार्ता के विफल होने से भी वैश्विक अनिश्चितता बढ़ी है, जिसके चलते निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं।
गांधी ने कहा, “भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के साथ पूंजी जोखिम वाली परिसंपत्तियों से निकलकर पारंपरिक सुरक्षित निवेश साधनों में जा रही है, जिससे सोने की कीमतों को लगातार समर्थन मिल रहा है।”
ऑगमोंट में हेड–रिसर्च रेनिशा चैनानी ने कहा कि निवेशक अमेरिका के जीडीपी और पर्सनल कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर (PCE) महंगाई आंकड़ों जैसे प्रमुख व्यापक आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जो आने वाले महीनों में फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की दिशा तय कर सकते हैं।
