
नई दिल्ली, 20 फरवरी (पीटीआई) प्रधानमंत्री के आवास के पास स्थित तीन झुग्गी-झोपड़ी (जेेजे) क्लस्टरों के निवासियों को परिसर खाली करने के लिए कहा गया है, क्योंकि केंद्र सरकार ने पुनर्वास योजना के तहत उन्हें स्थायी मकान आवंटित कर दिए हैं। यह जानकारी एक आधिकारिक नोटिस में दी गई।
आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के अंतर्गत भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) द्वारा जारी नोटिस में रेस कोर्स रोड के पास स्थित बीआर कैंप, मस्जिद कैंप और डीडी कैंप में रहने वाले लोगों को उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के सवदा घेवरा में आवंटित फ्लैटों में स्थानांतरित होने का निर्देश दिया गया है।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि इन तीनों क्लस्टरों में रहने वाले सभी निवासियों के लिए मकान आवंटित किए जा चुके हैं। कुल 717 फ्लैट आवंटित किए गए हैं।
नोटिस में कहा गया है कि ये जेेजे क्लस्टर सरकारी भूमि पर स्थित हैं। जनवरी 2024 में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के समन्वय से संयुक्त सर्वेक्षण किया गया था, ताकि दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) की नीति के अनुरूप पुनर्वास के लिए निवासियों की पात्रता तय की जा सके।
पात्रता प्रक्रिया पूरी कर मंजूरी दे दी गई है, जिसके बाद सवदा घेवरा स्थित डूसिब कॉलोनी में वैकल्पिक आवास आवंटित किए गए हैं।
नोटिस में कहा गया है कि 29 अक्टूबर 2025 को पुनर्वास और बेदखली संबंधी नोटिस जारी कर निवासियों को उनके आवंटन की जानकारी दी गई थी और स्थानांतरण की सुविधा के लिए मौजूदा परिसर खाली करने की सलाह दी गई थी।
यह मामला दिल्ली उच्च न्यायालय में भी चुनौती दी गई थी। 13 नवंबर 2025 के आदेश में अदालत ने विधि अनुसार प्रक्रिया का पालन करने का निर्देश दिया था। इसके बाद अब अंतिम नोटिस जारी कर निवासियों को 6 मार्च तक परिसर खाली करने को कहा गया है।
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि आदेश का पालन न करने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत बेदखली और ढांचों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
