
सियोल, 23 फरवरी (एपी) उत्तर कोरिया के नेता Kim Jong Un को सत्तारूढ़ Workers’ Party of Korea के शीर्ष पद पर फिर से निर्वाचित किया गया। प्रतिनिधियों ने उनके नेतृत्व में देश के परमाणु शस्त्रागार को मजबूत करने और क्षेत्रीय प्रभाव बढ़ाने का श्रेय उन्हें दिया। सरकारी मीडिया ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पार्टी कांग्रेस, जो एक बड़ा प्रचारात्मक आयोजन माना जाता है, में किम के अगले पांच वर्षों के राजनीतिक और सैन्य लक्ष्यों की रूपरेखा पेश करने की उम्मीद है। रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि किम एशिया में अमेरिका के सहयोगियों और अमेरिकी मुख्यभूमि को निशाना बनाने में सक्षम मिसाइलों से लैस परमाणु शस्त्रागार के विस्तार को और तेज कर सकते हैं।
पार्टी ने अपनी शक्तिशाली केंद्रीय समिति की नई सूची भी जारी की, जिसमें किम के नेतृत्व समूह में पीढ़ीगत बदलाव की पुष्टि हुई। 138 सदस्यीय निकाय में कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और 76 वर्षीय संसद प्रमुख सहित दर्जनों सदस्यों को बदला गया।
यह कांग्रेस ऐसे समय हो रही है जब किम क्षेत्रीय राजनीति में अधिक आक्रामक रुख अपना रहे हैं। यूक्रेन युद्ध में संयुक्त प्रयासों के जरिये रूस के साथ करीबी संबंध और परमाणु कार्यक्रम के आक्रामक विस्तार ने वॉशिंगटन और सियोल के साथ उनके टकराव को और गहरा किया है। किम ने चीन के साथ भी संबंध मजबूत किए हैं और पिछले सितंबर में बीजिंग की यात्रा कर छह वर्षों में पहली बार चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping के साथ शिखर वार्ता की थी।
विश्लेषकों का मानना है कि किम इस बैठक में नए सैन्य लक्ष्यों की घोषणा कर सकते हैं, जिनमें पारंपरिक सेनाओं को मजबूत करना और उन्हें परमाणु क्षमताओं के साथ एकीकृत करना शामिल है। साथ ही, चीन के साथ व्यापार में सुधार और रूस को हथियार निर्यात से मिली आर्थिक बढ़त के बीच वे ‘आत्मनिर्भरता’ के अभियान पर भी जोर दे सकते हैं।
पार्टी ने किम के नेतृत्व को राष्ट्रीय गौरव से जोड़ा
सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने बताया कि रविवार को बैठक के चौथे दिन हजारों प्रतिनिधियों की “अटूट इच्छा और सर्वसम्मति” से किम को पार्टी का महासचिव पुनः चुना गया।
पार्टी के नियमों के अनुसार, 2016 से हर पांच वर्ष में होने वाली कांग्रेस महासचिव का चुनाव करती है, जो पार्टी का सर्वोच्च प्रतिनिधि और नेता होता है। 42 वर्षीय किम अपने शासनकाल के दौरान शीर्ष पद पर रहे हैं। 2016 में उनका पदनाम प्रथम सचिव से अध्यक्ष और 2021 में महासचिव कर दिया गया था।
पार्टी ने कहा कि परमाणु बलों के निर्माण से किम ने ऐसी सैन्य क्षमता तैयार की है जो “किसी भी आक्रमण के खतरे” और “किसी भी प्रकार के युद्ध” से निपट सकती है। बयान में कहा गया कि उनके नेतृत्व ने देश के भविष्य की “विश्वसनीय गारंटी” दी है और उत्तर कोरियाई जनता के “गौरव और आत्मसम्मान” को बढ़ाया है।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि शी जिनपिंग ने किम को पुनर्निर्वाचन पर बधाई दी।
नेतृत्व में फेरबदल से पीढ़ीगत बदलाव का संकेत
केसीएनए ने बताया कि कांग्रेस ने पार्टी नियमों में संशोधन को मंजूरी दी, हालांकि विवरण तुरंत साझा नहीं किए गए। विशेषज्ञों का अनुमान है कि किम दक्षिण कोरिया के प्रति अपने सख्त रुख को और संस्थागत रूप दे सकते हैं तथा अंतर-कोरियाई संबंधों को दो “शत्रुतापूर्ण” राज्यों के रूप में परिभाषित करने के अपने दृष्टिकोण को नियमों में शामिल कर सकते हैं।
दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय के प्रवक्ता यून मिन हो ने किम के पुनर्निर्वाचन को पूर्वानुमेय बताया और कहा कि सियोल कांग्रेस से आने वाले आगे के संदेशों पर करीबी नजर रखेगा।
नई केंद्रीय समिति सूची में सबसे उल्लेखनीय बदलाव सुप्रीम पीपुल्स असेंबली की स्थायी समिति के अध्यक्ष चोए रयोंग हे को बाहर किया जाना रहा, जिन्हें पहले प्योंगयांग में दूसरा सबसे शक्तिशाली व्यक्ति माना जाता था। इसके अलावा मार्शल पाक जोंग चोन और री प्योंग चोल जैसे वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी सूची से बाहर रहे, जिन्होंने पिछले दशक में परमाणु विकास में तेजी के दौरान प्रमुख भूमिका निभाई थी।
उत्तर कोरिया ने 2019 में Donald Trump के साथ शिखर वार्ता विफल होने के बाद से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ सार्थक कूटनीति निलंबित कर दी है। 2024 में किम ने शांतिपूर्ण पुनर्एकीकरण के लक्ष्य को त्यागते हुए दक्षिण को स्थायी शत्रु घोषित कर दिया, जिससे अंतर-कोरियाई संबंध और बिगड़ गए।
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