सरांडा अभयारण्य आदेश पर झारखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की: विधायक सरयू राय का दावा

MLA Saryu Roy

रांची, 26 फरवरी (पीटीआई) झारखंड सरकार ने सरांडा वन प्रभाग को वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने के अपने पूर्व आदेश के कुछ पहलुओं पर स्पष्टीकरण मांगते हुए सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है, ऐसा जमशेदपुर के विधायक Saryu Roy ने गुरुवार को दावा किया।

विधानसभा में अपने तारांकित प्रश्न पर राज्य वन विभाग द्वारा दिए गए लिखित उत्तर का हवाला देते हुए राय ने कहा कि अदालत के निर्देश को लागू करने से पहले सरकार ने पुनर्विचार की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट ने 13 नवंबर 2025 को झारखंड सरकार को पारिस्थितिक रूप से महत्वपूर्ण सरांडा वन क्षेत्र के 31,468 हेक्टेयर को आधिकारिक रूप से वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने का आदेश दिया था।

राज्य सरकार को निर्णय की तारीख से तीन महीने के भीतर अंतिम अधिसूचना जारी करने की समयसीमा दी गई थी।

शीर्ष अदालत ने क्षेत्र के पारिस्थितिक महत्व का उल्लेख करते हुए सरांडा के वनों को “दुनिया के सबसे शुद्ध साल वनों में से एक” बताया था।

राय ने पीटीआई से कहा, “झारखंड सरकार ने सरांडा वन प्रभाग को वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू नहीं किया है, बल्कि इसके बजाय पहले के आदेश के कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगते हुए पुनर्विचार याचिका दायर की है। यह जानकारी सरकार ने विधानसभा में मेरे तारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में दी है।”

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने की तीन महीने की समयसीमा 12 फरवरी को समाप्त हो गई।

राय ने जोड़ा, “राज्य सरकार ने अपने लिखित उत्तर में यह जानकारी नहीं दी है कि पुनर्विचार याचिका किस तारीख को दायर की गई या सुप्रीम कोर्ट ने उसे स्वीकार किया है या नहीं।” PTI ANB RBT

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