राजस्थान के पंचायती राज कार्यालयों में हर सुबह गाया जाएगा ‘वंदे मातरम्’: मंत्री

Rajasthan Education Minister Madan Dilawar

जयपुर, 27 फरवरी (पीटीआई) — राजस्थान के सभी पंचायती राज कार्यालयों में हर सुबह राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ और कार्यालय समय समाप्ति पर राष्ट्रीय गान गाया जाएगा, यह जानकारी मंत्री मदन दिलावर ने दी।

पंचायती राज मंत्री ने कहा कि मंत्रालय के सभी कार्यालयों में केवल भारत में निर्मित वस्तुओं का ही उपयोग किया जाएगा। यदि किसी कार्यालय में विदेशी उत्पाद उपयोग में पाए गए तो उसकी लागत संबंधित अधिकारी से वसूल की जाएगी। उन्होंने कहा कि केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही छूट दी जाएगी।

गुरुवार देर रात विधानसभा में पंचायती राज विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए दिलावर ने कहा कि राज्य सरकार गांवों को सशक्त बनाने और जमीनी स्तर पर शासन सुधारने की अपनी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है।

चर्चा के बाद सदन ने विभाग की अनुदान मांगों को ध्वनिमत से पारित कर दिया।

दिलावर ने कहा कि विभाग के अधिकारी हर महीने कम से कम चार बार गांवों का दौरा करेंगे, “रात्रि चौपाल” आयोजित करेंगे और रात में वहीं ठहरेंगे।

उन्होंने कहा कि जो अधिकारी गांवों का दौरा नहीं करेंगे, उनके आधिकारिक वाहन वापस लेकर वाहन पूल में जमा कर दिए जाएंगे। साथ ही अधिकारियों को अब निगरानी बेहतर करने के लिए अपने निर्धारित क्षेत्राधिकार से बाहर के क्षेत्रों का निरीक्षण करने की अनुमति भी दी जाएगी।

मंत्री ने बताया कि 20 हेक्टेयर भूमि पर गोशालाओं का विकास किया जाएगा, साथ ही तालाबों का निर्माण और वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। इस पर अनुमानित 400 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

ग्रामीण आवासीय क्षेत्रों में ड्रोन सर्वे के आधार पर मंदिरों के नाम पर ‘पट्टे’ (भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र) जारी किए जाएंगे।

उन्होंने कहा, “इससे पानी और बिजली कनेक्शन तथा भूमि स्वामित्व विवादों से जुड़े मुद्दों के समाधान में मदद मिलेगी।”

दिलावर ने कहा कि राज्य के सभी गांवों में स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी और तालाबों सहित अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

मंत्री ने सदन को बताया कि पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ग्रामीण विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों को एक पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि नगर निकाय नियमों की तरह अब ग्राम पंचायतों में मांस बिक्री के लिए लाइसेंस अनिवार्य होगा। केवल वैध स्वास्थ्य प्रमाणपत्र वाले व्यावसायिक दुकानों में ही बिक्री की अनुमति होगी और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्लर्क भर्ती-2013 को लेकर चिंता जताते हुए दिलावर ने कहा कि फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और अंकतालिकाओं में हेरफेर जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने घोषणा की कि मामले की जांच एसओजी को सौंपी जाएगी। पीटीआई एसडीए वीएन वीएन

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