
वैश्विक तेल कीमतों में उछाल
अमेरिका और इज़राइल के ईरान पर हमलों तथा तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद ब्रेंट क्रूड लगभग 9% चढ़कर 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जबकि यूएस क्रूड 8.6% ऊपर 72.79 डॉलर पर। 2 मार्च 2026 तक क्रूड ऑयल 72.61 से 79.31 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। यह ईरान संघर्ष से उपजा है, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर खतरा मंडरा रहा है।
भारत में खुदरा कीमतें स्थिर
भारत में पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें अप्रैल 2022 से फ्रीज हैं, सरकार की नीति के तहत कंपनियां (IOC, BPCL, HPCL) नुकसान सहती हैं जब कीमतें ऊंची हों और लाभ कमाती हैं जब नीची। वर्तमान स्पाइक में भी तत्काल वृद्धि की संभावना नहीं, क्योंकि कंपनियों के पास FY24 के 81,000 करोड़ लाभ का कुशन है। तभी भारी उछाल पर बदलेगी नीति।
प्रभाव और जोखिम
भारत 88% कच्चा तेल आयात करता है, आधा होर्मुज जलडमरूमध्य से; इसकी बंदी से आपूर्ति बाधित हो सकती, फ्रेट-बीमा बढ़ेगा। पेट्रोल 0.55 रुपये/लीटर और डीजल 0.52 रुपये/लीटर प्रति 1 डॉलर वृद्धि पर चढ़ सकता है। तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी स्थिति की समीक्षा कर रहे, उपलब्धता-अफोर्डेबिलिटी सुनिश्चित करेंगे।
