ट्रम्प ने कहा कि वह ईरान के अगले नेता के चयन में शामिल होना चाहते हैं, युद्ध का असर पूरे क्षेत्र में फैल रहा है

President Donald Trump speaks at the Port of Corpus Christi in Corpus Christi, Texas, Friday, Feb. 27, 2026. AP/PTI(AP02_28_2026_000032B)

दुबई, 6 मार्च (एपी) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को कहा कि उन्हें ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के चयन में शामिल होना चाहिए, क्योंकि अमेरिका और इज़राइल लगातार छठे दिन भी देश पर हमले कर रहे हैं। ईरान ने भी इज़राइल, अमेरिकी ठिकानों और क्षेत्र के अन्य देशों पर जवाबी हमले जारी रखे।

ट्रम्प ने मोजतबा खामेनेई को खारिज कर दिया, जिन्हें उनके पिता आयतुल्ला अली खामेनेई के उत्तराधिकारी के रूप में प्रमुख दावेदार माना जा रहा था। आयतुल्ला अली खामेनेई युद्ध की शुरुआती हमलों में मारे गए थे। अमेरिकी समाचार वेबसाइट एक्सियोस से बातचीत में ट्रम्प की टिप्पणियों से यह सवाल फिर उठ सकता है कि क्या अमेरिका और इज़राइल इस्लामी गणराज्य को गिराना चाहते हैं या केवल उसकी नीतियों में बदलाव चाहते हैं, क्योंकि यह संघर्ष लगातार खुला और लंबा होता दिखाई दे रहा है।

युद्ध हर दिन और तेज होता जा रहा है और इसका असर मध्य पूर्व सहित 14 अतिरिक्त देशों तक पहुंच गया है। गुरुवार को अज़रबैजान ने ईरान पर ड्रोन हमलों का आरोप लगाया, जिसे तेहरान ने खारिज कर दिया। ईरान ने कहा कि एक दिन पहले श्रीलंका के पास एक ईरानी युद्धपोत को निशाना बनाने पर अमेरिका को “कड़वा पछतावा” होगा।

इज़राइल ने ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह लड़ाकों के साथ बढ़ती लड़ाई के बीच बेरूत के दक्षिणी उपनगरों के लिए बड़े पैमाने पर निकासी की चेतावनी जारी की। संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों ने दक्षिणी लेबनान में जमीनी लड़ाई की सूचना दी, क्योंकि और अधिक इज़राइली सैनिक सीमा पार कर गए।

इस दौरान अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर देशभर में हमले जारी रखे, जिनमें उसकी सैन्य क्षमता, नेतृत्व और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया गया।

ईरान के हमलों ने उसके अरब पड़ोसियों को निशाना बनाया, तेल आपूर्ति को बाधित किया और वैश्विक हवाई यात्रा को प्रभावित किया। अधिकारियों के अनुसार इस युद्ध में ईरान में कम से कम 1,230 लोग, लेबनान में 120 से अधिक और इज़राइल में लगभग एक दर्जन लोग मारे गए हैं। छह अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं।

ईरान पर हमले करने के ट्रम्प के फैसले को गुरुवार को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन सांसदों का पर्याप्त समर्थन मिला, जिससे बमबारी रोकने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। सीनेट ने भी एक दिन पहले इसी तरह के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था।

ट्रम्प ने ईरान की तुलना वेनेज़ुएला से की – एक्सियोस के साथ साक्षात्कार में ट्रम्प ने 56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई को “कमज़ोर” बताया, जो कभी किसी सरकारी पद के लिए चुने या नियुक्त नहीं किए गए हैं। ट्रम्प ने कहा, “हम ऐसा व्यक्ति चाहते हैं जो ईरान में सद्भाव और शांति लाए।”

ट्रम्प ने कहा, “मुझे नियुक्ति में शामिल होना होगा, जैसे वेनेज़ुएला में डेल्सी के साथ हुआ।” उन्होंने दक्षिण अमेरिकी देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज का जिक्र किया। जनवरी में अमेरिकी सैन्य अभियान के दौरान निकोलस मादुरो को पकड़कर अमेरिका ले जाया गया था, जहां उन पर संघीय मादक पदार्थ साजिश के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।

इज़राइल के रक्षा मंत्री इज़राइल कैट्ज़ ने इस सप्ताह कहा कि यदि ईरान का अगला सर्वोच्च नेता इज़राइल, अमेरिका और अन्य देशों को धमकी देना जारी रखता है तो “उसे भी खत्म करने का लक्ष्य बनाया जाएगा।”

ईरान अब भी डटा हुआ है – ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को उन खबरों से इनकार किया कि तेहरान युद्धविराम के लिए अमेरिका से संपर्क में है।

अराघची ने एनबीसी न्यूज से कहा, “हमें समझ नहीं आता कि हमें अमेरिका से बातचीत क्यों करनी चाहिए। जब हमने उनसे दो बार बातचीत की, हर बार उन्होंने बातचीत के बीच में हम पर हमला किया।”

अराघची ने अमेरिकी नौसेना पर हिंद महासागर में ईरानी फ्रिगेट आईआरआईएस डेना को डुबोने का आरोप लगाया, जिसमें कम से कम 87 लोगों की मौत हुई।

उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “अमेरिका को उस मिसाल पर कड़वा पछतावा होगा जो उसने स्थापित की है।”

यह ईरानी जहाज भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित एक अभ्यास से लौट रहा था, जिसमें अमेरिका भी शामिल था। श्रीलंका के अधिकारियों ने बताया कि 32 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया। अराघची ने कहा कि जहाज पर “लगभग 130” लोग सवार थे।

बाद में एक ईरानी धर्मगुरु ने सरकारी टेलीविजन पर इज़राइली और “ट्रम्प के खून बहाने” की अपील की। आयतुल्ला अब्दुल्ला जवादी आमोली का यह बयान किसी आयतुल्ला द्वारा हिंसा का दुर्लभ आह्वान माना गया। ईरान में इस्लाम के शिया पंथ के इस उच्च धार्मिक पद पर दर्जनों लोग हैं।

श्रीलंका ने कहा कि एक अन्य ईरानी युद्धपोत गुरुवार को उसके तट के पास लंगर डाले हुए था और 200 से अधिक नाविकों को राजधानी कोलंबो के बाहरी इलाके में स्थित नौसैनिक अड्डे तक ले जाया जा रहा है। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायके ने कहा कि जहाज को श्रीलंका के एक बंदरगाह पर ले जाया जाएगा।

युद्ध लगातार फैल रहा है – इज़राइली सेना ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण स्थलों पर हमलों की एक श्रृंखला चलाई और उसके शीर्ष जनरल ने कहा कि ईरान की 80 प्रतिशत वायु रक्षा प्रणाली और 60 प्रतिशत मिसाइल प्रक्षेपक नष्ट कर दिए गए हैं।

फिर भी लेफ्टिनेंट जनरल एयाल ज़मीर ने कहा, “खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।”

इज़राइल ने कहा कि गुरुवार को तेल अवीव और यरूशलम में मिसाइल हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजने के बाद शुक्रवार को यरूशलम के पुराने शहर के पवित्र स्थलों को बंद रखा जाएगा।

बंद होने वाले स्थलों में ईसाइयों का चर्च ऑफ द होली सेपुल्चर और यहूदियों की वेस्टर्न वॉल शामिल हैं। इसका असर उन हजारों मुसलमानों पर भी पड़ेगा जो रमज़ान के दौरान शुक्रवार को इस परिसर में नमाज़ अदा करते हैं।

खाड़ी देशों ने भी हमलों की सूचना दी। अमेरिकी विदेश विभाग ने कुवैत में अमेरिकी दूतावास को बंद करने की घोषणा की, जहां उसकी ओर दागी गई मिसाइलों के बाद वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी गई।

युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने अमेरिकी सहयोगी खाड़ी देश कुवैत पर मिसाइलों और ड्रोन की कई लहरें दागी हैं। रविवार को कुवैत में ईरानी ड्रोन हमले में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए थे।

संयुक्त अरब अमीरात में अल धफरा एयर बेस के पास एक ड्रोन को मार गिराया गया, जहां अमेरिकी सेना तैनात है। अधिकारियों ने बताया कि उसके मलबे के टुकड़े जमीन पर गिरे और छह लोग घायल हो गए।

कतर ने दोहा स्थित अमेरिकी दूतावास के पास रहने वाले लोगों को एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से हटाया और बाद में मिसाइल हमले की सूचना दी। सऊदी अरब ने कहा कि उसने जॉर्डन की सीमा से लगे एक प्रांत में एक ड्रोन को नष्ट कर दिया।

बहरीन ने कहा कि गुरुवार को एक ईरानी मिसाइल ने सरकारी तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया, जिससे आग लग गई, जिसे बाद में बुझा दिया गया। रिफाइनरी अभी भी काम कर रही है और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

अज़रबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने ईरान पर “बेबुनियाद आतंक और आक्रामकता” का आरोप लगाया, जब गुरुवार को नखचिवान क्षेत्र में हवाई अड्डे के पास एक ड्रोन गिरा, जो ईरान की सीमा से लगा हुआ है। एक अन्य ड्रोन एक स्कूल के पास गिरा। अधिकारियों ने बताया कि हवाई अड्डे के चार नागरिक कर्मचारी घायल हुए।

अलीयेव ने कहा कि सेना को “जवाबी कार्रवाई की तैयारी और उसे लागू करने” का निर्देश दिया गया है। ईरान ने अज़रबैजान की ओर ड्रोन भेजने से इनकार किया है। ईरान ने तेल ढांचे और अन्य नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने से भी लगातार इनकार किया है, हालांकि उसकी मिसाइलें और ड्रोन ऐसे स्थलों पर गिरे हैं।

शनिवार को युद्ध शुरू होने के बाद से ओमान की खाड़ी और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले हुए हैं, जहां से दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल भेजा जाता है। इससे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं और अमेरिकी शेयर बाजार गिर गया है।

इज़राइल ने बेरूत के उपनगरों को खाली करने की चेतावनी दी – इज़राइल ने गुरुवार शाम बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हमला किया और वहां के निवासियों से कहा, “अपनी जान बचाएं और तुरंत अपने घर खाली कर दें।” दो अस्पतालों ने मरीजों और कर्मचारियों को वहां से हटा दिया।

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई के बाद से मरने वालों की संख्या बढ़कर 123 हो गई है। युद्ध के शुरुआती दिनों में हिज़्बुल्लाह ने इज़राइल पर हमला किया था।

दक्षिणी लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के प्रवक्ता तिलक पोखरेल ने गुरुवार को कहा कि शांति सैनिकों ने दक्षिणी लेबनान में झड़पें देखी और सुनी हैं, जिनमें जमीनी लड़ाई भी शामिल है, क्योंकि और अधिक इज़राइली सैनिक सीमा पार कर चुके हैं। (एपी) एएमजे एएमजे

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