हाईकोर्ट ने बदायूं प्रशासन से निजी संपत्ति में होने वाली नमाज में हस्तक्षेप न करने को कहा

Allahabad High Court

प्रयागराज, 15 मार्च (पीटीआई)। Allahabad High Court ने उत्तर प्रदेश के Budaun जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह निजी संपत्ति के अंदर स्थित मस्जिद में अदा की जा रही नमाज में किसी भी तरह का हस्तक्षेप न करे।

न्यायमूर्ति Shekhar B Saraf और न्यायमूर्ति Vivek Saran की पीठ ने यह निर्देश देते हुए हाल ही में एक समन्वय पीठ द्वारा दिए गए फैसले से सहमति जताई, जिसमें कहा गया था कि निजी परिसर में धार्मिक प्रार्थना सभा आयोजित करने पर कानून में कोई प्रतिबंध नहीं है।

अदालत ने कहा, “उक्त फैसले का अवलोकन करने के बाद हम समन्वय पीठ के दृष्टिकोण से सहमत हैं और तदनुसार प्रतिवादी अधिकारियों को निर्देश देते हैं कि याचिकाकर्ताओं के परिसर के भीतर अदा की जा रही नमाज में किसी भी प्रकार से हस्तक्षेप न करें।”

यह आदेश Alisher द्वारा दायर याचिका पर दिया गया। याचिका में मांग की गई थी कि प्रशासन को उनकी निजी संपत्ति के एक हिस्से में स्थित Waqf Masjid Raza में उनके, उनके परिवार के सदस्यों और मुस्लिम समुदाय के अन्य लोगों द्वारा शांतिपूर्वक नमाज अदा करने में बाधा डालने से रोका जाए।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने इससे पहले 27 जनवरी को दिए गए एक फैसले का हवाला दिया था, जो Maranatha Full Gospel Ministries बनाम State of Uttar Pradesh मामले में एक डिवीजन बेंच ने सुनाया था।

अदालत ने 25 फरवरी को याचिका का निपटारा करते हुए 27 जनवरी के फैसले के आधार पर याचिकाकर्ता को राहत दी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यदि सार्वजनिक सड़क या सार्वजनिक संपत्ति पर कानून-व्यवस्था की कोई स्थिति उत्पन्न होती है, तो पुलिस कानून के अनुसार उचित कार्रवाई कर सकती है।

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

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