
जम्मूः जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को केंद्र शासित प्रदेश में युवाओं को लक्षित करने वाले नशीली दवाओं की तस्करी के नेटवर्क पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई का निर्देश दिया।
यहां लोक भवन में एक उच्च स्तरीय बैठक में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं को नशीली दवाओं की लत के रसातल में धकेलने के लिए जानबूझकर और कुटिल प्रयास किए जा रहे हैं।
उपराज्यपाल ने कहा, “नशीली दवाओं की तस्करी और नार्को-आतंकवाद के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को खत्म करने के लिए एक व्यापक, संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण, कड़े प्रवर्तन, मजबूत निवारक उपायों और सावधानीपूर्वक कैलिब्रेटेड बहु-आयामी कार्य योजना की तत्काल आवश्यकता है।
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि बैठक में मुख्य सचिव अटल दुल्लू, पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शैलेंद्र कुमार, प्रधान सचिव गृह चंद्राकर भारती, उपराज्यपाल के प्रधान सचिव मनदीप के भंडारी और अन्य वरिष्ठ नागरिक एवं पुलिस अधिकारी शामिल हुए।
युवाओं को लक्षित करने वाले तस्करी नेटवर्क पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए, उपराज्यपाल ने ‘नशा मुक्त’ जम्मू-कश्मीर के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ‘जनभागीदारी’ और नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ समन्वित प्रतिक्रिया का आह्वान किया।
प्रवक्ता ने कहा कि बैठक में झूठे आख्यानों का मुकाबला करने के लिए एक कठोर सोशल मीडिया निगरानी प्रणाली को एकीकृत करते हुए पांच प्रमुख केंद्रित क्षेत्रों-प्रवर्तन, आईईसी, परामर्श, उपचार और पुनर्वास पर चर्चा की गई।
सिन्हा ने अधिकारियों को विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों के भीतर मिशन मोड में निवारकों को लागू करने का निर्देश दिया।
उन्होंने व्यवस्था के भीतर नार्को-टेरर नेटवर्क के किसी भी अवशेष की पहचान करने और उसे सख्ती से दंडित करने का भी निर्देश दिया।
उपराज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों को नशीली दवाओं की लत और नशीली दवाओं की तस्करी से संबंधित मामलों की सूचना पुलिस और प्रशासन को देने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
सिन्हा ने पूरे जम्मू-कश्मीर में आगामी गहन ड्रग जागरूकता अभियान के लिए सभी संबंधित विभागों की तैयारियों की भी समीक्षा की।
उन्होंने कहा, “धार्मिक नेताओं, सामाजिक संगठनों, पूर्व सैनिकों, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट और गाइड और राजनीतिक नेताओं को नशे की लत के खिलाफ लड़ाई में शामिल किया जाना चाहिए।
उपराज्यपाल ने पिछले एक वर्ष में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत की गई गतिविधियों का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया।
प्रवक्ता ने कहा कि बैठक में नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर पोर्टल पर सभी जिलों को शामिल करने, नोडल अधिकारियों की भागीदारी, चल रहे सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रम, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, नशा मुक्ति बुनियादी ढांचे और मानव संसाधन को मजबूत करने और विस्तार करने, नशा मुक्ति उपचार सुविधाओं के संचालन, नशा मुक्ति रजिस्ट्री पोर्टल, एसओपी के कार्यान्वयन और संबंधित विभागों द्वारा की जाने वाली गतिविधियों पर भी चर्चा की गई।
बैठक से इतर उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल ने वरिष्ठ अधिकारियों को सीमावर्ती गांवों के समावेशी विकास पर ध्यान केंद्रित करने के साथ जीवंत गांव कार्यक्रम को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। पीटीआई तास तास एनबी एनबी
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