नई दिल्ली, 1 अप्रैल (भाषा)। दिल्ली पुलिस के पास अपनी स्वीकृत संख्या का लगभग 14.5 प्रतिशत पद खाली है, जिसमें 346 में से 152 पद-लगभग 44 प्रतिशत-सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) स्तर पर खाली पड़े हैं।
एक लिखित जवाब में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि 97,331 कर्मियों की स्वीकृत संख्या के मुकाबले 12 मार्च, 2026 तक 14,140 पद खाली थे।
इनमें से 96,817 स्वीकृत पदों के मुकाबले कांस्टेबल से इंस्पेक्टर स्तर पर 13,958 रिक्तियां हैं, जो श्रेणी में स्वीकृत संख्या का लगभग 14.4 प्रतिशत है, जबकि 346 में से 152 पद सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) स्तर पर खाली हैं, जो लगभग 43.9 प्रतिशत की रिक्ति का अनुवाद करते हैं।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त और उससे ऊपर के स्तर पर, 168 में से 30 पद खाली हैं, जो स्वीकृत संख्या का लगभग 17.9 प्रतिशत है।
मंत्री ने कहा कि दिल्ली के सभी पुलिस थानों में पर्याप्त कर्मचारी, महिला हेल्प डेस्क और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के सभी 15 पुलिस जिलों में साइबर पुलिस स्टेशन काम कर रहे हैं।
राय ने आगे कहा कि दिल्ली पुलिस ने कानून और व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई उपाय किए हैं, जिनमें अपराध-प्रवण क्षेत्रों की गतिशील पहचान और दृश्यता बढ़ाने और अपराध को रोकने के लिए पिकेट, पैदल गश्त, पीसीआर वैन और आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहनों जैसे पुलिस संसाधनों की तैनाती शामिल है।
उन्होंने कहा कि अन्य उपायों में सक्रिय अपराधियों की पहचान, निगरानी और गिरफ्तारी, स्थानीय पुलिस, पीसीआर कर्मचारियों और यातायात पुलिस द्वारा एकीकृत गश्त और सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम शामिल हैं।
इसके अलावा, आंकड़ों के अनुसार, महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले 2023 में 13,208,2024 में 13,195 और 2025 में 12,458 थे, जबकि इसी अवधि के दौरान बच्चों से जुड़े मामले क्रमशः 7,769,7,636 और 7,413 थे।
बुजुर्गों के खिलाफ अपराध 2023 में 1,361,2024 में 1,267 और 2025 में 1,227 दर्ज किए गए। पीटीआई एमएचएस एएमजे एएमजे
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