AAP सांसद राघव चड्ढा एक दिन के लिए बने डिलीवरी एजेंट, वीडियो साझा कर उठाया गिग वर्कर्स का मुद्दा

**EDS: THIRD PARTY IMAGE, SCREENGRAB VIA SANSAD TV** New Delhi: AAP MP Raghav Chadha speaks in the Rajya Sabha during the Winter session of Parliament, in New Delhi, Thursday, Dec. 18, 2025. (Sansad TV via PTI Photo) (PTI12_18_2025_000112B)

नई दिल्ली, 12 जनवरी (पीटीआई): आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा ने सोमवार को खुद को ब्लिंकिट के डिलीवरी एजेंट के रूप में दिखाता हुआ एक वीडियो साझा किया। इस पहल के जरिए उन्होंने गिग वर्कर्स की रोजमर्रा की कठिनाइयों की ओर ध्यान दिलाया और भारत के तेजी से बढ़ते क्विक कॉमर्स सेक्टर में बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग को फिर से उठाया।

चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, “बोर्डरूम से दूर, जमीनी स्तर पर। मैंने उनका एक दिन जिया।”

AAP नेता ने कहा कि वह नीतिगत बहसों से हटकर जमीनी हकीकत को खुद देखना चाहते थे।

वीडियो में पंजाब से राज्यसभा सांसद चड्ढा ब्लिंकिट की पीली यूनिफॉर्म और हेलमेट पहने नजर आते हैं। वह एक डिलीवरी पार्टनर की मोटरसाइकिल पर पीछे बैठकर शहर में कई ऑर्डर डिलीवर करते दिखाई देते हैं।

वीडियो में दोनों की एक सामान्य कार्य शिफ्ट दिखाई गई है, जो लास्ट-माइल डिलीवरी की तेज रफ्तार और दबाव को उजागर करती है।

राघव चड्ढा क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स द्वारा किए जाने वाले 10 मिनट में डिलीवरी के वादों के मुखर आलोचक रहे हैं। उनका तर्क है कि ऐसे अवास्तविक समय-सीमा के कारण डिलीवरी कर्मियों को सड़क पर जोखिम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

इससे पहले राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए उन्होंने सदन से सुविधा से आगे सोचने और अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी की मानवीय कीमत पर विचार करने की अपील की थी।

उन्होंने कहा था, “मैं कहना चाहता हूं कि ये लोग रोबोट नहीं हैं। ये भी किसी के पिता, पति, भाई या बेटे हैं। सदन को इनके बारे में सोचना चाहिए। और इस 10 मिनट की डिलीवरी की क्रूरता खत्म होनी चाहिए।”

अपने इस ताजा पोस्ट के जरिए चड्ढा ने अपने अनुभव के माध्यम से उसी बहस को मजबूती दी है और डिलीवरी वर्कर्स की सुरक्षा व हालात पर सीधा फोकस डाला है।

पीटीआई

वीबीएच एनबी एनबी

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

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