नई दिल्ली, 11 अगस्त (पीटीआई) – आम आदमी पार्टी (AAP) ने सोमवार को चुनाव आयोग (EC) कार्यालय की ओर मार्च के दौरान विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिए जाने पर भाजपा (BJP) की कड़ी आलोचना की। AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग धांडा ने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं।
धांडा ने सांसदों की हिरासत को “तानाशाही” कदम बताया और कहा कि वे सिर्फ सवाल पूछना चाहते थे और चुनाव आयोग से हाल ही में हुए चुनावों में कथित फर्जी वोटिंग व मतदाता सूची में गड़बड़ी पर डेटा मांगना चाहते थे।
यह विरोध मार्च बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के खिलाफ था। मार्च के दौरान राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई विपक्षी नेता हिरासत में लिए गए और करीब दो घंटे बाद रिहा हुए।
करीब 30 से अधिक सांसदों, जिनमें प्रियंका गांधी वाड्रा, संजय राउत (शिव सेना-UBT) और सागरिका घोष (टीएमसी) शामिल थीं, को संसद मार्ग थाने ले जाया गया। चुनाव आयोग ने केवल 30 सांसदों को अपने परिसर में प्रवेश की अनुमति दी थी, जबकि प्रदर्शनकारियों की संख्या इससे काफी अधिक थी।
धांडा ने आरोप लगाया कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और चुनाव आयोग, विपक्ष के मतदाताओं के नाम हटाकर और फर्जी वोट जोड़कर मतदाता सूची में हेरफेर कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह लोकतंत्र नहीं, तानाशाही है।”
उन्होंने दावा किया कि चाहे INDIA ब्लॉक की पार्टियां हों, AAP हो या TMC — पूरा विपक्ष निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिए एकजुट है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन से अलग होने का एलान किया था, इसके कामकाज और नियमित बैठकों की कमी पर सवाल उठाते हुए।
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़
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