बिहार: चुनाव आयोग ने पता न मिलने वाले लोगों की सूची राजनीतिक दलों के साथ साझा की

नई दिल्ली, 21 जुलाई (PTI) — बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के अहम चरण पर, चुनाव आयोग ने राज्य की सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों को उन 29.62 लाख मतदाताओं की विस्तृत सूची सौंपी है जिनके गणना फॉर्म अब तक प्राप्त नहीं हुए हैं। इसके साथ ही, लगभग 43.93 लाख ऐसे मतदाताओं की सूची भी दी गई है जो अपने पते पर नहीं मिले।

चुनाव आयोग ने सभी 12 प्रमुख राजनीतिक पार्टियों से आग्रह किया है कि उनके जिला अध्यक्षों और लगभग 1.5 लाख बूथ-लेवल एजेंट्स (BLA) के माध्यम से ऐसे मतदाताओं से संपर्क स्थापित करें।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से न छूटे। आयोग ने सोमवार को कहा,

“पूरी चुनावी मशीनरी को—including राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों—एक मिशन मोड में काम करना है ताकि हर योग्य मतदाता का नाम सूची में बना रहे।”

निर्वाचक नामावली का मसौदा 1 अगस्त को प्रकाशित होगा। इसके बाद,

  • 1 अगस्त से कोई भी नागरिक मसौदे में नाम जोड़ने, हटाने या सुधार के लिए आपत्ति दर्ज करा सकता है।

  • राजनीतिक दलों और आम जनता को मसौदा नामावली की प्रिंट और डिजिटल प्रतियां नि:शुल्क मिलेंगी।

  • सुधार और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए आयोग ने एक महीने तक का समय तय किया है

आयोग की पहल का उद्देश्य मतदाताओं के नाम हटाने, फर्जी या डुप्लीकेट प्रविष्टियों को सही करना और बिहार से बाहर रह रहे लोगों की भागीदारी बढ़ाना है।
चुनाव आयोग ने सभी को यह भरोसा दिलाया है कि “कोई भी योग्य मतदाता छूटेगा नहीं”। अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी।

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