बिहार विधानसभा चुनाव से पहले ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के प्रोत्साहन में बढ़ोतरी की घोषणा

पटना, 30 जुलाई (PTI) — बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को घोषणा की कि राज्य में आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं को अब 3,000 रुपये प्रति माह प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जो कि पूर्ववर्ती 1,000 रुपये से तीन गुना अधिक है।
उन्होंने ‘ममता’ स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की डिलीवरी प्रोत्साहन राशि भी 300 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दी।

सीएम ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “नवंबर 2005 में सरकार बनने के बाद से हमने स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने के लिए व्यापक कार्य किए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने में ASHA और ‘ममता’ कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।”
अब ASHA कार्यकर्ताओं को “1,000 रुपये के बजाय 3,000 रुपये प्रोत्साहन राशि” मिलेगी।
‘ममता’ कार्यकर्ताओं को हर डिलीवरी पर 600 रुपये मिलेंगे।

सीएम की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि अपने 17 महीने के स्वास्थ्य मंत्री कार्यकाल के दौरान उन्होंने ASHA और ‘ममता’ कार्यकर्ताओं के प्रोत्साहन में वृद्धि की प्रक्रिया शुरू की थी।
उन्होंने कहा, “इस बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि से उनका मनोबल बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी।”

सरकार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ASHA और ‘ममता’ कार्यकर्ताओं के योगदान को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
ASHA कार्यकर्ता राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) के आधार स्तंभ हैं और गांव-स्तर पर प्रति 1,000 की आबादी पर तैनात की जाती हैं।
‘ममता’ कार्यकर्ता सरकारी अस्पतालों के मैटरनिटी वार्ड में अनुबंधित स्वास्थ्य कार्यकर्ता होती हैं, जो नवजात शिशुओं और माताओं की देखभाल करती हैं।

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि यह “अयोग्य NDA सरकार” दो साल से प्रोत्साहन बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर बैठी थी और अंततः उन्हें विपक्ष की मांग के आगे झुकना पड़ा। साथ में उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायकों और रसोइयों का मानदेय भी बढ़ाने की मांग की। तेजस्वी ने कहा कि सरकार “हमारे विचारों और मांगों की नकल कर रही है।”
उन्होंने सरकार पर परिणाम से डरने और 20 वर्षों से कोई बुनियादी सुधार न करने का आरोप भी लगाया।

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