कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग पर बिहार के ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम शामिल करने और हटाने के लिए भाजपा नेतृत्व वाली NDA सरकार के निर्देशों पर काम करने का आरोप लगाया है।

पटना, 4 अगस्त (PTI) — कांग्रेस ने सोमवार को चुनाव आयोग (EC) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह केंद्र में भाजपा नेतृत्व वाली NDA सरकार के निर्देशों पर काम कर रहा है और बिहार में विशेष गहन संशोधन (SIR) के जरिए गरीब और हाशिए पर रहने वाले समुदायों को वोट देने के अधिकार से वंचित करने की कोशिश कर रहा है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कांग्रेस अध्यक्ष कार्यालय के संचार प्रभारी प्रणव झा ने पत्रकारों से कहा, “यह सच है कि EC ने भाजपा नेतृत्व वाली NDA सरकार के निर्देश पर जानबूझकर बिहार में लाखों असली मतदाताओं के नाम, खासतौर पर हाशिए पर रहने वाले समुदायों के, मतदाता सूची से हटा दिए हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि EC ने सुप्रीम कोर्ट के सुझावों को नजरअंदाज करते हुए आधार कार्ड को मतदाता पंजीकरण के लिए एक मान्य प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया।

झा ने कहा, “EC ने सुप्रीम कोर्ट की आधार कार्ड को मतदाता पंजीकरण के प्रमाण के रूप में मान्यता देने की सलाह को बिना किसी ठोस कारण के ठुकरा दिया है।”

उन्होंने इसे बिहार में सत्तारूढ़ दलों BJP और JD(U) को लाभ पहुंचाने के लिए EC की साजिश करार दिया और कहा कि कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।

झा ने आगे कहा, “बिहार के लोग BJP-JD(U) गठबंधन सरकार को उनके इस प्रयास के लिए माफ नहीं करेंगे जिसमें वे करोड़ों असली मतदाताओं का संवैधानिक अधिकार छीनने का प्रयास कर रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनावों में NDA को सत्ता से बाहर किया जाएगा।”

उन्होंने कहा कि बिहार की NDA सरकार और EC राज्य के लोगों के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने के लिए जिम्मेदार हैं।

झा ने आरोप लगाया, “सुप्रीम कोर्ट के सुझावों के बावजूद EC अपने रुख पर अड़ा हुआ है। ऐसा लगता है कि नरेंद्र मोदी नेतृत्व वाली केंद्र सरकार न्यायपालिका और भारत के मुख्य न्यायाधीश पर भरोसा नहीं करती। यही वजह है कि केंद्र सरकार ने मुख्य न्यायाधीश को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों के चयन के लिए तीन सदस्यीय पैनल से हटा दिया है।”

PTI PKD MNB

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