नई दिल्ली, 30 अगस्त (PTI) – सुप्रीम कोर्ट 1 सितंबर को बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चल रहे विशेष गहन संशोधन (SIR) में दावा और आपत्ति दायर करने की समय सीमा बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की याचिकाओं पर सुनवाई करेगा।
दावा और आपत्ति दायर करने की वर्तमान समय सीमा 1 सितंबर निर्धारित है।
न्यायाधीश सूर्यकांत, जॉयमलया बागची और विपुल एम पंचोली की बेंच ने शुक्रवार को राजनीतिक पार्टियों की याचिकाओं को सोमवार को सूचीबद्ध करने का निर्णय लिया, जिसमें उन्होंने आपात सुनवाई की मांग की थी। हालांकि शाम को जारी आदेश में सुनवाई की तिथि 8 सितंबर बताई गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार सुबह संशोधित आदेश में सभी याचिकाओं की सुनवाई 1 सितंबर को करने का निर्देश दिया।
RJD के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और सीनियर एडवोकेट शोएब आलम ने बताया कि कई पार्टियां समय सीमा बढ़ाने की मांग कर रही हैं।
AIMIM के अधिवक्ता निजाम पशा ने बताया कि इस मामले में दावों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और इसलिए समय सीमा बढ़ाई जानी चाहिए।
RJD ने अपनी याचिका में कहा कि SIR के अंतर्गत मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 90,712 हो गई है, जिसमें उन्होंने 47,506 बूथ स्तर एजेंट (BLA) लगाए हैं। 22 अगस्त के बाद दावों में भारी तेजी आई है।
RJD ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर अधिकारियों ने आधार कार्ड के साथ दावे स्वीकार नहीं किए और 24 जून के चुनाव आयोग के आदेश के बावजूद 11 तय दस्तावेजों में से किसी एक के साथ दावे की मांग की।
RJD ने चुनाव आयोग से 15 सितंबर तक दावों की समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया है।
सर्वोच्च न्यायालय ने 22 अगस्त को आदेश दिया था कि हटाए गए मतदाता ऑनलाइन आवेदन करें और विशेष गहन संशोधन (SIR) में भौतिक आवेदन भी कर सकते हैं।
इस विवाद ने बिहार विधानसभा चुनाव में खासी राजनीतिक गरमाहट लाकर रख दी है, क्योंकि SIR के कारण मतदाता सूची से नामों की भारी कटौती हुई है।
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