नई दिल्ली, 11 अगस्त (पीटीआई) – कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि ‘वोट चोरी’ के खिलाफ उनका अभियान अब एक बड़े जन आंदोलन में बदल गया है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के लिए बने पोर्टल पर लॉन्च के बाद से 15 लाख से अधिक समर्थन प्रमाणपत्र डाउनलोड किए गए हैं और 10 लाख से ज्यादा मिस्ड कॉल प्राप्त हुई हैं।
राहुल गांधी के चुनावी धांधली के दावों को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस ने एक वेब पोर्टल लॉन्च किया, जहां लोग पंजीकरण कर चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर सकते हैं और डिजिटल वोटर रोल की मांग का समर्थन कर सकते हैं।
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर हिंदी में लिखा, “यह भारत के लोकतंत्र की सच्ची तस्वीर है — दबे हुए सच की आवाज़ें, जो अब हमारे अभियान के ज़रिए उठ रही हैं। कोई भी वोट चोरी का मामला छूटना नहीं चाहिए।”
पोर्टल (votechori.in) पर लोग “वोट चोरी का सबूत”, चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग और वोट चोरी की शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसमें राहुल गांधी का एक वीडियो भी है, जिसमें उन्होंने BJP और EC की “सांठगांठ” से हुए “बड़े आपराधिक चुनावी धोखाधड़ी” का आरोप दोहराया है।
पोर्टल के मुताबिक, बेंगलुरु सेंट्रल की महादेवपुरा विधानसभा में एक लाख से ज्यादा फर्जी वोटर पाए गए, जिससे BJP को जीत में मदद मिली। इसमें डुप्लीकेट वोटर, फर्जी/अमान्य पते, एक ही पते पर हजारों वोटर, अमान्य फोटो और नए मतदाताओं से जुड़े फॉर्म-6 का दुरुपयोग शामिल है।
राहुल गांधी ने कहा, “अगर 70-100 सीटों पर ऐसा हुआ तो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव पूरी तरह खत्म हो जाएंगे। हम इस वोट चोरी के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ेंगे।”
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